झारखंड-बिहार से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का भंडाफोड़, 60 करोड़ की सिम बॉक्स ठगी में मास्टरमाइंड हर्षित समेत 6 गिरफ्तार…

Jharkhand: आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने झारखंड और बिहार से जुड़े एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में सिम बॉक्स फ्रॉड के मास्टरमाइंड हर्षित कुमार समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी सुपौल के गौसपुर से हुई साथ ही 22 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।
जांच में सामने आया कि गिरोह ने फर्जी टेलीफोन नेटवर्क तैयार कर हर दिन करीब 10 हजार अंतरराष्ट्रीय कॉल्स की। इन कॉल्स के जरिए की गई साइबर ठगी से दूरसंचार मंत्रालय को अब तक करीब 60 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
गिरफ्तार हर्षित कुमार की उम्र सिर्फ 21 साल है, लेकिन उसके पास 12 से 14 करोड़ रुपये की संपत्ति, मोतिहारी में आलीशान मकान 30 से ज्यादा बैंक अकाउंट और एक खाते में 2.5 करोड़ रुपये मिले हैं। हर्षित ने थाईलैंड, बैंकॉक जैसे विदेशों की कई बार यात्रा की थी।
गिरोह का नेटवर्क चीन, वियतनाम, कंबोडिया, यूएई, जर्मनी और यूके तक फैला हुआ था। सारा रैकेट टेलीग्राम ग्रुप के ज़रिए चलाया जा रहा था।
हर्षित ने सबसे ज्यादा फर्जी सिम कार्ड झारखंड के पाकुड़ से मंगवाए। मार्च से अब तक 1000 से ज्यादा सिम कार्ड मंगवाने के सबूत मिले हैं। इसमें कई टेलीकॉम डिस्ट्रीब्यूटर और CSC संचालकों की मिलीभगत सामने आई है।
गिरोह ने ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर लेन-देन किया। अब तक कई क्रिप्टो वॉलेट और ट्रांजेक्शन की जानकारी सामने आई है।
छापेमारी में 8 सिम बॉक्स डिवाइस, सैकड़ों सिम कार्ड, बैंक पासबुक, ATM-क्रेडिट कार्ड, और संवेदनशील दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
इस गिरोह के तार झारखंड, बिहार, यूपी, दिल्ली, कर्नाटक, ओडिशा, गोवा और पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों से जुड़े हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब CBI और IB की टीम भी जांच में शामिल होगी। ADG नैयर हसनैन खान ने बताया कि अब इस गिरोह की अवैध संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी
•हर्षित कुमार – मास्टरमाइंड
•मोहम्मद सुल्तान – CSC संचालक
•चार अन्य पॉइंट ऑफ सेल संचालक
•सुमित शाह – सिम सप्लायर (पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार)
यह कार्रवाई देशभर में साइबर ठगी के नेटवर्क पर एक बड़ा प्रहार माना जा रहा है।


