आदित्यपुर में शादी और पैसों के विवाद को बताया गया मानव तस्करी का मामला, पुलिस ने किया साफ, जांच जारी…

सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र में मानव तस्करी का मामला सामने आने की खबर अब झूठी साबित होती दिख रही है। पुलिस जांच में यह मामला दरअसल शादी और पैसों के लेन-देन से जुड़ा विवाद निकला है।
पीड़िता सीता लोहार और उसके पति का कहना है कि शादी के नाम पर उनसे करीब ₹1.20 लाख रुपये लिए गए थे। वहीं आरोपित महिला पदमा तांती और युवक राम नायडू का कहना है कि यह मामला मानव तस्करी का नहीं है बल्कि पैसों के लेन-देन का विवाद है।
पदमा तांती ने बताया कि सीता ने अपनी मर्जी से राजस्थान के मुकुट नामक युवक से शादी की थी और शादी के बाद खुद वीडियो बनाकर कहा था कि वह खुश है और समय आने पर मायके जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि राजस्थान छोड़ते समय सीता के पति ने ₹20,000 दिए थे जिसे मायके वालों तक पहुंचाना था लेकिन वह खर्च हो गए। बाद में थाना परिसर में ही पूरा पैसा लौटा दिया गया।
दूसरी ओर लड़की के परिजनों का कहना है कि कुल ₹1.20 लाख रुपये दिए गए थे। वहीं सीता के पति मुकुट का दावा है कि शादी में पार्टी आयोजन पर लगभग ₹1 लाख खर्च हुए थे। इसी को लेकर विवाद बढ़ गया और अब लड़की के परिजनों ने राम नायडू की स्कूटी अपने पास रख ली है। उनका कहना है कि जब तक ₹1 लाख रुपये वापस नहीं किए जाते स्कूटी नहीं लौटाई जाएगी।
इस पूरे मामले पर एसडीपीओ समीर कुमार सेवइयां ने स्पष्ट किया है कि मामला मानव तस्करी का नहीं है, बल्कि शादी और पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद है। पुलिस जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।
पुलिस ने अपील की है कि शादी और पैसों के विवाद को मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध का रूप न दें। इससे समाज में अनावश्यक भ्रम और तनाव फैलता है। किसी भी तरह के आर्थिक लेन-देन को पारदर्शी और वैधानिक तरीके से करना चाहिए, ताकि आगे किसी तरह के विवाद और कानूनी परेशानी से बचा जा सके।

