हेरा-फेरी!10 महीने में पैसा डबल करने का झांसा, फिर कंपनी गायब, लाखों की ठगी करने वाला ‘डॉक्टर’ हुआ गिरफ्तार…

Azad Reporter desk: उत्तर प्रदेश की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को एक बड़ी कामयाबी मिली है। सालों से फरार चल रहा ठगी के बड़े मामले का आरोपी अनिल कुमार तिवारी उर्फ डॉक्टर अब पकड़ा गया है। उसे लखनऊ के फैजाबाद रोड से गिरफ्तार किया गया है।
EOW की लखनऊ यूनिट ने ये कार्रवाई की है। अनिल एक अंतरराज्यीय ठग गिरोह का हिस्सा था जिसने हजारों लोगों को पैसे डबल करने का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी की।
साल 2009 में ‘यूनी पे टू यू मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की एक ऑनलाइन कंपनी ने बेंगलुरु से अपनी शुरुआत की थी। इसने देशभर में खासकर उत्तर प्रदेश के उन्नाव और कई जिलों में शाखाएं खोलकर लोगों को 10 महीने में पैसा दोगुना करने फिक्स डिपॉजिट पर ज्यादा ब्याज देने जैसे झूठे वादे किए।
लोगों ने लालच में आकर लाखों रुपये इस कंपनी में निवेश कर दिए, लेकिन कुछ समय बाद कंपनी की सभी शाखाएं बंद हो गईं और सारे संचालक फरार हो गए।
इस मामले में उन्नाव जिले के कोतवाली थाने में 2013 में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपियों पर धोखाधड़ी जालसाजी और आईटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराएं लगाई गईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए 22 नवंबर 2013 को राज्य सरकार ने इसकी जांच EOW को सौंपी। अब तक इस केस में 9 नामजद आरोपियों में से 6 की गिरफ्तारी हो चुकी है जिन्हें जेल भेजा जा चुका है। बाकी 3 आरोपी फरार थे जिनमें से एक अनिल तिवारी अब पकड़ा गया है।
पूछताछ में पता चला है कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड मुकनधन गनगम है जो मलेशिया का रहने वाला है और अब भी फरार है। उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया जा चुका है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाश जारी है।
अनिल की गिरफ्तारी से EOW को बाकी आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है और पूरे घोटाले की कड़ियां धीरे-धीरे जुड़ रही हैं।

