झारखंड के स्कूलों में हर शनिवार होगा ‘बैगलेस डे’, खेल-कूद और रचनात्मक गतिविधियों पर रहेगा फोकस…

Jharkhand: झारखंड की शिक्षा व्यवस्था में अब एक नया और सकारात्मक बदलाव होने जा रहा है। गुजरात के बाद अब झारखंड सरकार ने भी सरकारी स्कूलों में हर शनिवार ‘बैगलेस डे’ (Bagless Day) मनाने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को शनिवार के दिन स्कूल में किताब, कॉपी या बस्ता लाने की जरूरत नहीं होगी।
इस दिन बच्चों को पढ़ाई के दबाव से मुक्त रखते हुए उन्हें खेलकूद, योग, संगीत, ड्राइंग, नाटक, कहानी, कविता, लोक गीत और नृत्य जैसी रचनात्मक गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। शिक्षा विभाग इस योजना को अंतिम रूप दे रहा है और जल्द ही इसे राज्यभर में लागू किया जाएगा।
राज्य के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने कहा कि बच्चों को डिजिटल युग के प्रभाव से बाहर निकालकर शारीरिक और रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि पहले भी स्कूलों में आखिरी पीरियड खेलकूद या पीटी का होता था अब उसी परंपरा को आधुनिक रूप देकर ‘बैगलेस डे’ की शुरुआत की जा रही है।
बैगलेस डे पर शिक्षक बच्चों को पारंपरिक पद्धतियों के बजाय सीखने के वैकल्पिक और रचनात्मक तरीके अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। स्थानीय संसाधनों और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए छात्रों की भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे स्कूल का माहौल भी अधिक जीवंत और आनंददायक बनेगा।
इस विशेष दिन पर शिक्षकों की भूमिका केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि वे बच्चों के साथ मिलकर गतिविधियों में भाग लेंगे और उन्हें मार्गदर्शन देंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस प्रयास से छात्रों का समग्र विकास होगा और स्कूल बच्चों के लिए एक आनंदमय और बोझमुक्त स्थान बन सकेगा।
जिला शिक्षा अधिकारियों को इस योजना को लागू करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं और जल्द ही इसे राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

