जमशेदपुर में 120 करोड़ खर्च के बाद भी नहीं सुधरी बिजली व्यवस्था, अधूरा अंडरग्राउंड केबलिंग बना परेशानी की जड़…

Jamshedpur news: गैर कंपनी इलाके में अंडरग्राउंड केबलिंग के नाम पर झारखंड सरकार द्वारा 120 करोड़ रुपये खर्च किए गए लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि हल्की सी आंधी आते ही बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। बिजली विभाग ने अंडरग्राउंड केबलिंग के बाद जीरो कट बिजली आपूर्ति का दावा किया था लेकिन वह दावा हकीकत से कोसों दूर है।
जांच करने पर पता चला कि अंडरग्राउंड केबलिंग का काम अभी तक पूर्ण रूप से पूरा नहीं हुआ है। वर्ष 2019-20 में आरएपीडीआरपी योजना के तहत शहर के गैर कंपनी इलाकों में 33 केवी हाइटेंशन लाइन को 73 किलोमीटर तक अंडरग्राउंड किया जाना था लेकिन अब तक सिर्फ 52 किलोमीटर ही कार्य पूरा हो सका है।
वहीं 11 केवी हाइटेंशन लाइन में 432 किलोमीटर के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 182 किलोमीटर और एलटी लाइन में कुल 1632 किलोमीटर में से मात्र 443 किलोमीटर पर ही एबी केबल (ओवरहेड) लगाया गया है।बाकी बचे हुए 1189 किलोमीटर एलटी लाइन के कार्य में से 775 किलोमीटर का कार्य आरडीएसएस (पुनर्नवीनीकृत वितरण क्षेत्र योजना) फेज-1 के तहत किया जा रहा है जिसे 2026 तक पूरा किया जाना है। इस कार्य पर 103 करोड़ रुपये की लागत आंकी गई है।
गैर कंपनी इलाके में 33 केवी, 11 केवी और एलटी लाइन में शेष बचे अंडरग्राउंड केबलिंग का कार्य आरडीएसएस फेज-2 के तहत पूरा किया जाएगा। इसके लिए सर्वेक्षण किया जा चुका है और बिजली विभाग ने 575 करोड़ रुपये का विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर लिया है। इस योजना को लागू होने और फंड मिलने के बाद दो से ढाई वर्षों में शेष कार्य पूरा किया जा सकेगा।
सरकार और बिजली विभाग के तमाम दावों के बावजूद जमशेदपुर के गैर कंपनी क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था अब भी भरोसेमंद नहीं बन पाई है।

