जमशेदपुर से जयपुर तक सीधी ट्रेन सेवा की मांग तेज, सिंहभूम चैंबर ने रेल मंत्री को लिखा पत्र…

Jamshedpur news: सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने एक बार फिर टाटानगर से जयपुर या राजस्थान तक सीधी रेल सेवा शुरू करने की मांग की है। इस संबंध में रेल मंत्री, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, जमशेदपुर के सांसद विद्युतवरण महतो, दक्षिण-पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा, चक्रधरपुर रेल मंडल के रेल प्रबंधक तरूण हुरिया और टाटानगर के एरिया मैनेजर को पत्र भेजा गया है। यह जानकारी चैंबर के मानद महासचिव मानव केडिया ने दी।
चैंबर अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने बताया कि टाटानगर और आस-पास के क्षेत्रों में राजस्थानी समुदाय की संख्या अधिक है। राजस्थान धार्मिक, पर्यटन और शिक्षा के लिहाज़ से महत्वपूर्ण राज्य है। यहां के लोग जयपुर, जोधपुर, अजमेर शरीफ, खाटूश्याम, सालासर, झुंझुनू और कोटा जैसे स्थानों की यात्रा पर जाते हैं लेकिन सीधी ट्रेन नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
चैंबर ने सुझाव दिया कि टाटानगर से जयपुर या फुलेरा तक नई ट्रेन शुरू की जाए, या फिर वर्तमान में चल रही पुरी-नई दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस (12801/02) का विस्तार फुलेरा या जयपुर तक कर दिया जाए। चैंबर ने यह भी बताया कि यह ट्रेन दिल्ली स्टेशन पर करीब 16-17 घंटे तक खड़ी रहती है उस दौरान वह जयपुर तक जाकर लौट सकती है।
इसी प्रकार प्रयागराज-बिकानेर ट्रेन (20403/04), जो प्रयागराज में करीब 18.30 घंटे तक खड़ी रहती है, उसे टाटानगर तक बढ़ाया जाए जिससे राजस्थान के विभिन्न शहरों तक यात्रियों को सीधी सुविधा मिल सके।
चैंबर ने मांग की कि हावड़ा-जयपुर-जोधपुर (12307) जैसी ट्रेनें सप्ताह में दो दिन टाटानगर होकर चलाई जाएं। इसके अलावा हावड़ा से जयपुर जाने वाली दुरंतो एक्सप्रेस को भी सप्ताह में तीन दिन टाटानगर के रास्ते चलाने पर विचार किया जाए।
पूर्व में चैंबर की मांग पर शुरू की गई शालीमार-जयपुर एक्सप्रेस (08061/62) स्पेशल ट्रेन को भी बंद कर दिया गया है। चैंबर ने इस ट्रेन को नियमित रूप से फिर से शुरू करने की मांग की है ताकि टाटानगर से जयपुर की सीधी सेवा लोगों को मिल सके।
चैंबर के अन्य पदाधिकारियों जैसे उपाध्यक्ष अनिल मोदी, अधिवक्ता राजीव अग्रवाल, पुनीत कांवटिया, अभिषेक अग्रवाल गोल्डी, सचिव भरत मकानी, अंशुल रिंगसिया, बिनोद शर्मा, सुरेश शर्मा लिपु और कोषाध्यक्ष सीए अनिल रिंगसिया ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए रेल मंत्री से जल्द सकारात्मक कार्रवाई की अपील की है।


