Chaibasa: 3 साल पुराने दुष्कर्म मामले में मिला इंसाफ, जिला परिषद सदस्य को 10 साल की सजा…

Jharkhand: झारखंड के चाईबासा व्यवहार न्यायालय ने तीन साल पुराने दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में फैसला सुनाते हुए झींकपानी के जिला परिषद सदस्य जान मिरन मुंडा को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 5000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला साल 2022 का है जब जगन्नाथपुर की एक युवती ने 21 जून 2022 को मनोहरपुर थाना में जान मिरन मुंडा के खिलाफ दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि 12 फरवरी 2022 को सुबह 9 बजे आरोपी ने उसे फोन कर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर मनोहरपुर के एक कमरे में दुष्कर्म किया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ समय बाद वह गर्भवती हो गई और जब उसने शादी की बात की तो आरोपी ने 12 मई को उसे जबरदस्ती गर्भपात की दवा खिलाई।
पुलिस ने इस मामले में वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच पूरी कर आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद कोर्ट में सुनवाई हुई और न्यायालय ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2)(एन) के तहत दोषी ठहराया।
फैसला मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम के न्यायालय से आया जिसने इस केस में पीड़िता को इंसाफ दिलाते हुए आरोपी को 10 साल की कठोर सजा सुनाई।
यह फैसला उन सभी पीड़ितों के लिए एक संदेश है कि न्याय भले ही देर से मिले लेकिन मिलता जरूर है।


