Bihar: राहुल-तेजस्वी के मंच से पप्पू यादव और कन्हैया कुमार को रोका गया, महागठबंधन में दरार के संकेत?

Azad Reporter desk: बिहार बंद के दौरान पटना में एक दिलचस्प राजनीतिक दृश्य देखने को मिला। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और RJD नेता तेजस्वी यादव जब एक खुले ट्रक पर बने मंच से जनसभा को संबोधित कर रहे थे तभी कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार और नव-निर्वाचित सांसद पप्पू यादव मंच पर चढ़ने की कोशिश करते नजर आए। लेकिन सुरक्षा में तैनात SPG जवानों ने उन्हें मंच पर चढ़ने से रोक दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सबसे पहले जब पप्पू यादव मंच की ओर बढ़े तो उन्हें SPG ने हाथ के इशारे से रोक दिया। उसके बाद पास ही खड़े कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार को भी मंच पर नहीं चढ़ने दिया गया। कुछ रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि कन्हैया थोड़ी देर के लिए मंच पर चढ़े जरूर थे लेकिन उन्हें तुरंत नीचे उतार दिया गया। इस दौरान हल्की झड़प और धक्का-मुक्की भी हुई।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिससे यह सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या महागठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं है?
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव जिस मंच पर साथ नजर आए वही मंच दो अन्य नेताओं के लिए ‘नो एंट्री’ बन गया। बिहार में कांग्रेस ने कन्हैया कुमार को सक्रिय किया है लेकिन उन्हें आरजेडी से पूरी तरह सहयोग नहीं मिल रहा है। इससे पहले मार्च 2024 में उनकी “नौकरी दो पलायन रोको यात्रा” को भी आरजेडी ने खास समर्थन नहीं दिया था।
वहीं पप्पू यादव ने 2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस से टिकट की मांग की थी लेकिन RJD की आपत्ति के बाद उन्हें टिकट नहीं मिला। इसके बावजूद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। अब मंच से रोके जाने की घटना को इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि से जोड़कर देखा जा रहा है।
बिहार विधानसभा चुनाव पास हैं और ऐसे में इस तरह की घटनाएं गठबंधन के भीतर की प्राथमिकताओं और खींचतान को उजागर करती हैं। मंच पर कुछ नेताओं को जगह देना और कुछ को रोकना यह दिखाता है कि गठबंधन के भीतर शक्ति संतुलन किसके पक्ष में झुका हुआ है।

