हाई कोर्ट का बड़ा फैसला : सहायक आचार्य के 114 पदों पर रोक, JSSC से मांगा जवाब…

Jharkhand: झारखंड हाई कोर्ट ने सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा में नार्मलाइजेशन फॉर्मूला लागू करने को लेकर दाखिल याचिका पर अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को निर्देश दिया है कि वह पारा शिक्षकों के लिए 100 और गैर पारा शिक्षकों के लिए 14 सीटें फिलहाल सुरक्षित रखें।
इस मामले की सुनवाई हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि JSSC ने सरकार की नियमावली का पालन नहीं किया। सरकार ने पारा शिक्षकों के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित की थीं, लेकिन आयोग ने उनके लिए अलग परीक्षा परिणाम नहीं निकाला और सभी पर नार्मलाइजेशन फॉर्मूला लागू कर दिया।
याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना है कि कुल 2500 पदों में से सिर्फ 400 के आसपास ही पारा शिक्षकों का चयन किया गया जो आरक्षण नियमों का उल्लंघन है।
प्रार्थियों की ओर से सीनियर अधिवक्ता अजीत कुमार और अपराजिता भारद्वाज ने अदालत में पक्ष रखा। वहीं JSSC की तरफ से अधिवक्ता संजय पिपरवाल और प्रिंस कुमार सिंह ने कहा कि परीक्षा में नार्मलाइजेशन का जिक्र पहले ही विज्ञापन में कर दिया गया था और उस वक्त इसे चुनौती नहीं दी गई।
कोर्ट ने आयोग और राज्य सरकार दोनों से इस मामले में विस्तृत जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी। कोर्ट ने साफ कहा है कि अंतिम फैसला आने तक यह मामला सुरक्षित सीटों के आधार पर आगे बढ़ेगा।
यह मामला राज्य भर के शिक्षकों और प्रतियोगी छात्रों के लिए काफी अहम माना जा रहा है।


