पलामू में 108 एंबुलेंस कर्मियों का हंगामा, दस्तावेज़ सत्यापन और शर्तों के खिलाफ विरोध, 22 को रांची में धरना…

Jharkhand: पलामू जिले में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों का गुस्सा रविवार को उस समय फूट पड़ा जब रांची की सम्मान फाउंडेशन द्वारा सिविल सर्जन कार्यालय में आयोजित दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रिया के दौरान उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी द्वारा जो शर्तें थोपी जा रही हैं वे पूरी तरह से कर्मचारी विरोधी हैं। इसी के विरोध में 22 जुलाई को रांची में धरना प्रदर्शन और 28 जुलाई से राज्यव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी गई है।
कर्मचारियों ने बताया कि कंपनी छुट्टियों, हड़ताल और अन्य मुद्दों को लेकर धमकी भरे दस्तावेजों पर जबरन हस्ताक्षर करवा रही है। पर्व-त्योहारों में छुट्टी न देने विरोध न करने जैसे नियम थोपे जा रहे हैं जिससे कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान हैं।
बताया गया कि 26 जून को कर्मचारियों और संस्था के बीच नौ बिंदुओं पर समझौता हुआ था, जिसमें पीएफ, ईएसआईसी, नियुक्ति पत्र और सही तरीके से दस्तावेज सत्यापन की बात हुई थी। लेकिन कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी ने अब तक किसी भी समझौते को लागू नहीं किया।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी सहित कई कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर विरोध किया। उनका कहना है कि कंपनी के प्रतिनिधियों ने स्थानीय थाना बुलाने और पुलिस कार्रवाई की धमकी देकर उन्हें डराने की कोशिश की। साथ ही नौकरी से निकालने का भी डर दिखाया जा रहा है।
कर्मचारी संघ ने एलान किया है कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो 22 जुलाई को रांची में एक दिवसीय धरना होगा और फिर 28 जुलाई से पूरे झारखंड में एंबुलेंस सेवा पूरी तरह ठप कर दी जाएगी।
कंपनी की ओर से एचआर मैनेजर संजय कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि कर्मचारियों द्वारा पहले जमा किए गए दस्तावेजों का ही सत्यापन किया जा रहा है इसमें किसी भी तरह की धमकी या दबाव की बात गलत है।

