एसीबी की जांच का खौफ!! पूर्व उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश ने विभाग से मांगी 1200 पन्नों की जानकारी…

Jharkhand: झारखंड के उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के पूर्व आयुक्त अमित प्रकाश पर एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) की कार्रवाई का खौफ साफ तौर पर नजर आ रहा है। एसीबी द्वारा पूछताछ के लिए समन जारी होते ही उन्होंने सूचना के अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत आनन-फानन में विभाग से 1200 पन्नों की जानकारियां मांगीं।
बताया जा रहा है कि 20 मई को एसीबी थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर अमित प्रकाश ने यह जानकारी मांगी थी। उन्होंने न केवल प्राथमिकी से जुड़ी फाइलें बल्कि अपने कार्यकाल से संबंधित दस्तावेजों की छायाप्रति की मांग की थी। झारखंड राज्य बेवरेजेस कॉरपोरेशन लिमिटेड के जन सूचना पदाधिकारी सह महाप्रबंधक (संचालन) ने 12 जून को उन्हें 1200 पन्नों की वांछित सूचनाएं उपलब्ध करा दीं।अब इन दस्तावेजों के आधार पर अमित प्रकाश एसीबी के सवालों का जवाब देने की तैयारी में जुट गए हैं।
पूर्व आयुक्त पर यह गंभीर आरोप है कि उन्होंने उत्पाद विभाग से जुड़ी प्लेसमेंट एजेंसियों से बकाया राशि की वसूली में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। साथ ही विभाग में हुए घोटालों को रोकने में वे पूरी तरह असफल रहे या जानबूझकर चुप्पी साधे रहे।
यह भी आरोप है कि उनके कार्यकाल में फर्जी बैंक गारंटी का मामला सामने आने के बावजूद उन्होंने संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की और न ही उन्हें ब्लैकलिस्ट करने का प्रयास किया।
उल्टा, इन एजेंसियों को मानव संसाधन की आपूर्ति के एवज में मिलने वाला भुगतान भी लटकाए रखा गया।फिलहाल एसीबी की जांच तेज है और सभी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अमित प्रकाश द्वारा जुटाई गई जानकारी उनके पक्ष में कितनी मददगार साबित होगी।

