झारखंड के सरकारी स्कूलों में ‘संपूर्ण शिक्षा कवच’ (SSK) योजना का असर, रिजल्ट और रैंकिंग में दिखा ठोस सुधार…

Jharkhand: झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रही। राज्य सरकार की ‘सम्पूर्ण शिक्षा कवच’ (SSK) योजना ने साइंस और गणित जैसे कठिन माने जाने वाले विषयों में 24×7 स्मार्ट पढ़ाई और 1:1 पेडागॉजी के ज़रिए पढ़ाई का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। इसका सीधा असर 2024-25 के झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) के 12वीं के नतीजों में साफ़ नज़र आया।
• लेटहर राज्य में बना नंबर-1 जिला!! लेटहर ज़िला जो 2023 में राज्य में 13वें स्थान पर था अब 2025 में सीधा पहला स्थान हासिल कर चुका है। यही नहीं लेटहर को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस अवॉर्ड 2025 में गोल्ड पुरस्कार भी मिला है जो इसकी डिजिटल शिक्षा में उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाता है।
• कोडरमा ने दिखाया JEE में भी दम!! कोडरमा ज़िले ने राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया है। यहां के सरकारी स्कूलों से 10 छात्रों ने JEE Mains और 3 छात्रों ने JEE Advanced में सफलता पाई है जिसमें एक छात्र ने 759वां ऑल इंडिया रैंक हासिल किया है।
• पश्चिमी सिंहभूम है सफलता की ओर!! लाल गलियारे में गिने जाने वाले पश्चिमी सिंहभूम ज़िले ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है। यहां कक्षा 12वीं साइंस में पास प्रतिशत में 18.5% की बढ़ोतरी हुई जिससे जिला 18वें स्थान से उठकर 13वें स्थान पर आ गया।
• SSK से जुड़े स्कूलों में पास प्रतिशत रहा 87.9% जबकि गैर-SSK स्कूलों में मात्र 73.8% यानि 14.1 प्रतिशत अंकों का अंतर।
• खूंटी में 30% से ज्यादा का फर्क!! खूंटी ज़िले में SSK के असर से साइंस का पास प्रतिशत 83.6% तक पहुंच गया जबकि गैर-SSK स्कूलों में यही आंकड़ा सिर्फ 53.3% रहा। यानी 30.3 प्रतिशत अंकों का अंतर। यहां से 26 छात्र देश के प्रतिष्ठित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों जैसे NIT में प्रवेश पाने में सफल हुए हैं।
• गोड्डा में साफ नज़र आया असर!! गोड्डा में साइंस का पास प्रतिशत 8.2% बढ़ा है। SSK स्कूलों में 84% छात्र पास हुए जबकि अन्य स्कूलों में 73.5% यानि 10.6% का फर्क।
• दुमका का तीन साल में लगातार सुधार!! दुमका ज़िले में SSK के तीन साल पूरे हो चुके हैं और हर साल सुधार देखने को मिला है जैसे 2023 में 74.73%, 2024 में 81.30%, 2025 में 88.4% पास प्रतिशत दर्ज किया गया है। इसके विपरीत गैर-SSK स्कूलों का प्रदर्शन गिरता चला गया 2023 में 60.52% से गिरकर 2024 में 49.94%, और फिर 2025 में 54.2%। इस प्रकार 34.2% का भारी अंतर साफ़ दर्शाता है कि SSK का शैक्षणिक प्रभाव कितना गहरा और स्थायी है।
‘सम्पूर्ण शिक्षा कवच (SSK)’ सिर्फ परीक्षा परिणाम नहीं सुधार रहा बल्कि सरकारी स्कूलों में छात्रों का आत्मविश्वास, सोचने का तरीका और भविष्य की दिशा भी बदल रहा है। यह योजना एक “Sustainable and Scalable model” के रूप में पूरे देश के लिए मिसाल बन सकती है।

