जमशेदपुर के गोदामों से टपक रहा है पानी, 15 साल से नहीं हुई मरम्मत, गरीबों का राशन भीगने की कगार पर, 4.90 करोड़ मिलने के बाद भी अब तक शुरू नहीं हुआ काम…

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Jamshedpur news: झारखंड स्टेट फूड कॉरपोरेशन (JSFC) के जमशेदपुर समेत पूर्वी सिंहभूम जिले के कई गोदाम इतने जर्जर हालत में हैं कि बारिश की शुरुआत होते ही छत से पानी टपकने लगा है। इनमें रखा गरीबों का राशन हजारों क्विंटल चावल और गेहूं भीगने और सड़ने के कगार पर है।

इन गोदामों की हालत बीते 15 सालों से वैसी की वैसी बनी हुई है। न मरम्मत हुई, न कोई स्थायी समाधान। साकची और बर्मामाइंस जैसे मुख्य गोदामों में अनाज को बस खानापूर्ति के लिए प्लास्टिक शीट से ढंका गया है जो तेज़ बारिश में बेअसर हो जाता है।

पूर्वी सिंहभूम जिले में हर महीने करीब 92 हजार क्विंटल अनाज का आवंटन होता है जो PDS सिस्टम के जरिए आठ लाख से ज्यादा लोगों तक पहुंचता है। लेकिन अगर इसी तरह बारिश में अनाज भीगता रहा तो गरीबों का निवाला बर्बाद हो सकता है।

सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि साकची गोदाम में पिछले 10 सालों से 1100 बोरी सड़ी दाल पड़ी है और बर्मामाइंस में आठ साल से 400 बोरी खराब नमक रखा हुआ है। खाद्य प्रयोगशाला इन्हें अनुपयुक्त बता चुकी है फिर भी इनका निपटारा या नीलामी नहीं हो सका।जमशेदपुर के साकची, बर्मामाइंस, घाटशिला, धालभूमगढ़, चाकुलिया, पोटका, मुसाबनी और पटमदा समेत कुल 24 गोदामों की हालत बेहद खराब है।

पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम जिलों के कुल 30 से ज्यादा गोदामों की मरम्मत के लिए विभाग को कई बार पत्र भेजा गया। इसके बाद 4.90 करोड़ रुपये का फंड भी जारी हुआ। लेकिन हैरानी की बात है कि इतने फंड मिलने के बावजूद अब तक मरम्मत का काम शुरू नहीं हो पाया है।

अगर जल्द ही काम शुरू नहीं हुआ तो जून से अगस्त के मॉनसून में हालात और भी खराब हो सकते हैं। ये सिर्फ गोदामों की दीवारों की बात नहीं है ये गरीबों की थाली और उनके हक के राशन की बात है।