निवेश प्रस्तावों की री-पैकेजिंग कर जनता को कर रही गुमराह सरकार : भाजपा

RANCHI : भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड सरकार पर निवेश प्रस्तावों को लेकर बड़ा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा हाल ही में घोषित 99,639 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव नए नहीं हैं बल्कि दावोस और यूके यात्रा के बाद लगभग छह महीने पहले घोषित निवेश प्रस्तावों को ही नए पैकेज के रूप में पेश किया जा रहा है।
प्रतुल शाह देव ने कहा कि सरकार फरवरी 2026 में दावोस और यूके यात्रा के बाद 1.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों की घोषणा कर चुकी थी। उस समय जिन कंपनियों के साथ एमओयू और निवेश प्रस्तावों का प्रचार किया गया था उन्हीं में से अधिकांश को अब दिल्ली में दोबारा नए निवेश के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हालिया निवेश पैकेज में जिंदल स्टील लिमिटेड जिंदल न्यूक्लियर पावर रुंगटा संस रुंगटा माइंस टाटा स्टील हिसारना अमलगम स्टील एंड पावर टाटा स्टील टिन प्लेट विस्तार अंबुजा सीमेंट और जिंदल रिन्यूएबल्स जैसी कंपनियों के नाम और लगभग वही निवेश राशि शामिल है जिनकी घोषणा पहले भी की जा चुकी थी।
भाजपा ने सरकार से सवाल किया कि यदि ये वास्तव में नए एमओयू हैं तो पहले हुए समझौते का क्या हुआ वहीं यदि ये पुराने निवेश प्रस्ताव ही हैं तो उन्हें दोबारा नया बताकर जनता को क्यों भ्रमित किया जा रहा है। पार्टी ने सरकार से यह भी पूछा कि पिछले छह महीनों में इन परियोजनाओं पर कितना वास्तविक निवेश हुआ कितनी भूमि आवंटित की गई कितने उद्योगों का निर्माण शुरू हुआ और कितने स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला।
प्रतुल शाह देव ने विशेष रूप से 30,000 करोड़ रुपये के जिंदल न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि परमाणु ऊर्जा केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय है। ऐसे किसी भी प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार परमाणु ऊर्जा विभाग और संबंधित नियामक संस्थाओं की स्वीकृति आवश्यक होती है। उन्होंने पूछा कि क्या राज्य सरकार ने इस एमओयू से पहले आवश्यक अनुमति प्राप्त की थी। यदि नहीं तो इसे निवेश के रूप में प्रचारित करना केवल राजनीतिक प्रचार है।
भाजपा ने कहा कि वह राज्य के हित में होने वाले सभी औद्योगिक निवेशों का स्वागत करती है लेकिन सरकार को हवा-हवाई घोषणाओं से बचना चाहिए और जनता के सामने वास्तविक प्रगति का ब्यौरा रखना चाहिए।


