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संभल में 1000 बीघा सरकारी जमीन घोटाले का खुलासा बर्खास्त SDM समेत 19 पर केस 6 आरोपी गिरफ्तार

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SAMBHAL: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में गंगा किनारे स्थित करीब 1000 बीघा सरकारी जमीन के कथित अवैध आवंटन का बड़ा मामला सामने आया है। जांच में फर्जी दस्तावेजों और अधिकारियों की मिलीभगत के संकेत मिलने के बाद पुलिस ने बर्खास्त एसडीएम तहसीलदार चकबंदी अधिकारियों लेखपाल कानूनगो और पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता (DGC) सहित कुल 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें से 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है जबकि अन्य की तलाश जारी है।

यह मामला संभल जिले की गुन्नौर तहसील के असदपुर, सुखैला और आसपास के गांवों की झाऊ श्रेणी की सरकारी जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि वर्ष 2007 के बाद सरकारी जमीन के फर्जी अभिलेख तैयार कर बड़ी संख्या में लोगों को पट्टे आवंटित कर दिए गए। यह जमीन मूल रूप से सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज थी और चकबंदी प्रक्रिया के अंतर्गत आती थी।

यह मामला पहली बार वर्ष 2018 में सामने आया था। उस समय फर्जी पट्टों को निरस्त कर तत्कालीन अधिकारियों और कई लाभार्थियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई थी। इसके बावजूद वर्ष 2019 में तत्कालीन एसडीएम ओमवीर सिंह ने 162 लोगों के नाम दोबारा पट्टे जारी कर दिए। बाद की जांच में दस्तावेजों और भूमि के क्षेत्रफल में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। वर्ष 2023 में 17 अपात्र लोगों के पट्टे रद्द किए गए लेकिन 145 लोगों के नाम अब भी रिकॉर्ड में बने रहे।

गुन्नौर तहसील में तैनात लेखपाल स्वाति शर्मा ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कर 4 जून को अपनी रिपोर्ट संभल के जिलाधिकारी को सौंपी। रिपोर्ट में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी जमीन के आवंटन और कई अधिकारियों-कर्मचारियों की कथित मिलीभगत का उल्लेख करते हुए विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई।

रिपोर्ट के आधार पर 2 जुलाई को गुन्नौर थाने में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने बर्खास्त एसडीएम ओमवीर सिंह पूर्व ग्राम प्रधान विक्रांत पूर्व डीजीसी जय भारद्वाज पूर्व कानूनगो राजवीर सिंह पूर्व चकबंदी लेखपाल भीमराव सिंह और महेंद्र सिंह सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।