भाजपा संगठन में महिलाओं को मिलेगा 33% आरक्षण झारखंड भाजपा में बढ़ी हलचल

RANCHI : भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। पार्टी संगठन में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की योजना पर काम कर रही है। इस फैसले के बाद झारखंड भाजपा में संगठनात्मक बदलावों को लेकर चर्चाएं और बेचैनी दोनों बढ़ गई हैं।
भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में फिलहाल महिलाओं की भागीदारी काफी सीमित है। पार्टी की शीर्ष निर्णय लेने वाली 12 सदस्यीय संसदीय बोर्ड में भी महिलाओं की संख्या बेहद कम है। ऐसे में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू होने के बाद संगठन के विभिन्न पदों पर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
वहीं संसद में महिलाओं की भागीदारी पर नजर डालें तो वर्तमान लोकसभा में महिला सांसदों के मामले में तृणमूल कांग्रेस सबसे आगे है। पार्टी के कुल सांसदों में लगभग 39 प्रतिशत महिलाएं हैं। भाजपा और कांग्रेस में महिला सांसदों की हिस्सेदारी लगभग बराबर है। भाजपा में महिला सांसदों की हिस्सेदारी करीब 13 प्रतिशत है जबकि कांग्रेस में यह आंकड़ा 13.4 प्रतिशत है।
उम्मीदवारों को टिकट देने के मामले में भाजपा कांग्रेस से आगे रही। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अपने कुल उम्मीदवारों में लगभग 16 प्रतिशत महिलाओं को टिकट दिया जबकि कांग्रेस में यह आंकड़ा करीब 13 प्रतिशत रहा।
दक्षिण भारत की प्रमुख पार्टी द्रमुक की बात करें तो लोकसभा में पार्टी का नेतृत्व कनिमोझी कर रही हैं। इसके बावजूद द्रमुक के 22 सांसदों में केवल तीन महिलाएं हैं जो कुल संख्या का लगभग 13.6 प्रतिशत है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि भाजपा संगठन में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करती है तो इसका असर न केवल पार्टी के संगठनात्मक ढांचे पर पड़ेगा बल्कि आगामी चुनावों में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी भी बढ़ सकती है। वहीं झारखंड भाजपा में इस संभावित बदलाव को लेकर संगठन के भीतर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

