₹12 हजार करोड़ के दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर गड्ढों का दावा, वायरल वीडियो के बाद सियासत तेज NHAI ने शुरू कराया मरम्मत कार्य

NEW DELHI : करीब ₹12 हजार करोड़ की लागत से बने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर गड्ढे होने का दावा करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सड़क के बीच बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि इन गड्ढों की वजह से कई वाहनों को नुकसान पहुंचा है। यह एक्सप्रेसवे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 14 अप्रैल 2026 को उद्घाटित किया गया था और इसे शुरू हुए तीन महीने भी पूरे नहीं हुए हैं।
वायरल वीडियो में एक व्यक्ति सड़क पर बने गड्ढे दिखाते हुए दावा करता है कि उसकी बस समेत कई अन्य वाहन भी इनकी वजह से क्षतिग्रस्त हुए हैं। वीडियो सामने आने के बाद एक्सप्रेसवे के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि उद्घाटन के कुछ ही महीनों बाद एक्सप्रेसवे पर गड्ढे पड़ जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और कथित भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े करता है। वहीं आम आदमी पार्टी ने भी वीडियो साझा करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पार्टी की पोस्ट में एक्सप्रेसवे की लागत गलती से ₹12 हजार करोड़ की जगह ₹1200 करोड़ लिखी गई।
वायरल दावों की पड़ताल के दौरान सामने आया कि वीडियो उत्तर प्रदेश के शामली जिले के पास का है। मौके पर पहुंची टीम ने पाया कि सड़क पर गड्ढे मौजूद हैं और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने उनकी मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है।
गौरतलब है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच लगभग 210 किलोमीटर की दूरी का सफर 6–7 घंटे से घटकर करीब ढाई घंटे रह गया है। यह छह लेन वाला एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है जिस पर अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। इसकी प्रमुख विशेषताओं में राजाजी नेशनल पार्क से गुजरने वाला लगभग 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर शामिल है जिसे एशिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर माना जाता है। यहां वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए साउंडप्रूफ बैरियर लगाए गए हैं और नो हॉर्न नियम लागू किया गया है।
फिलहाल वायरल वीडियो और निर्माण गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बीच NHAI मरम्मत कार्य में जुटा है जबकि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर है।

