पूर्व SSP पियूष पांडे और पूर्व SP निधि द्विवेदी की संपत्तियों की जांच हो, सामाजिक कार्यकर्ता मज़हर खान ने झारखंड सरकार के समक्ष उठाई मांग

जमशेदपुर के सामाजिक कार्यकर्ता मज़हर खान ने पूर्वी सिंहभूम के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पियूष पांडे और उनकी पत्नी एवं सरायकेला-खरसावां की पूर्व पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी की संपत्तियों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने झारखंड सरकार के नाम एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराने का आग्रह किया है।
प्रेस विज्ञप्ति में मज़हर खान ने कहा कि राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने के कारण पूर्वी सिंहभूम के तत्कालीन SSP पियूष पांडे और सरायकेला-खरसावां की तत्कालीन SP निधि द्विवेदी को उनके पदों से हटाया है। उनका कहना है कि जब सरकार स्वयं इस तरह का बड़ा प्रशासनिक निर्णय ले चुकी है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच भी कराई जानी चाहिए ताकि जनता के मन में उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब मिल सके।
उन्होंने कहा कि पियूष पांडे और निधि द्विवेदी पति-पत्नी हैं तथा दोनों की तैनाती एक-दूसरे से सटे जिलों में रही है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह तथ्य किसी अनियमितता का प्रमाण नहीं है लेकिन जनहित, जवाबदेही और पारदर्शिता के मद्देनज़र दोनों अधिकारियों के कार्यकाल के दौरान अर्जित चल एवं अचल संपत्तियों, आय के स्रोतों और वित्तीय लेन-देन की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।
मज़हर खान ने सरकार से मांग की है कि यदि जांच में आय से अधिक संपत्ति, भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग या किसी अन्य प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। वहीं यदि जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिलती है तो उसकी रिपोर्ट भी सार्वजनिक की जाए ताकि पुलिस प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हो सके।
प्रेस विज्ञप्ति के अंत में उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना नहीं है बल्कि सुशासन, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जनहित में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई को सामने लाना आवश्यक है।


