किराए का घर छोड़ने पर क्या मकान मालिक सिक्योरिटी से पेंटिंग का खर्च काट सकता है? दिल्ली हाई कोर्ट ने दिया अहम फैसला

NEW DELHI : किराए का मकान खाली करने के बाद सिक्योरिटी डिपॉजिट से पेंटिंग पुताई या मरम्मत के नाम पर रकम काटने को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सामान्य उपयोग के कारण होने वाली मामूली टूट-फूट या दीवारों की साधारण पुताई का खर्च किरायेदार से नहीं वसूला जा सकता। हालांकि यदि किरायेदार की लापरवाही से संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंचा है तो मकान मालिक उचित खर्च की वसूली कर सकता है।
यह टिप्पणी एम/एस रितास हेरिटेज एंड अन्य बनाम संगीता गुप्ता एवं अन्य मामले की सुनवाई के दौरान सामने आई। मामले में मकान मालिक ने दावा किया था कि किरायेदार के मकान खाली करने के बाद मरम्मत पर करीब सात लाख रुपये खर्च करने पड़े और इस राशि की भरपाई सिक्योरिटी डिपॉजिट से की जानी चाहिए।
सुनवाई के दौरान मकान मालिक ने अदालत के समक्ष मरम्मत से जुड़े बिल रसीदें इनवॉइस और तस्वीरें पेश कीं। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पाया कि कुछ स्थानों पर बिजली की वायरिंग और अन्य सामान को नुकसान पहुंचा था जिसका खर्च किरायेदार से लिया जा सकता है। हालांकि अदालत ने यह भी माना कि सात लाख रुपये का दावा पूरी चार मंजिला इमारत की मरम्मत से जुड़ा था इसलिए पूरा खर्च किरायेदार पर नहीं डाला जा सकता।
अदालत ने कहा कि सामान्य उपयोग के दौरान दीवारों पर दाग-धब्बे या हल्की क्षति जिसे केवल पुताई या व्हाइटवॉश से ठीक किया जा सकता है उसे किरायेदार की जिम्मेदारी नहीं माना जा सकता। लेकिन यदि संपत्ति को असामान्य या गंभीर नुकसान पहुंचाया गया है तो मकान मालिक क्षतिपूर्ति का दावा कर सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसे विवादों से बचने के लिए किरायेदार और मकान मालिक को रेंट एग्रीमेंट में मरम्मत रखरखाव और सिक्योरिटी डिपॉजिट से संबंधित सभी शर्तें स्पष्ट रूप से दर्ज करनी चाहिए। इससे दोनों पक्षों के बीच विवाद की संभावना कम होगी और कानूनी परेशानियों से भी बचा जा सकेगा।

