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ज़ूडियो-वेस्टसाइड को नई पहचान देने वाले Noel टाटा अब वोल्टास को भी कहेंगे अलविदा, टाटा ग्रुप में तेज हुआ नेतृत्व परिवर्तन

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टाटा समूह के वरिष्ठ उद्योगपति और ज़ूडियो-वेस्टसाइड जैसे सफल रिटेल ब्रांड्स के पीछे की प्रमुख रणनीतिक ताकत रहे Noel Tata इस साल नवंबर में 70 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद वोल्टास के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कंपनी की 72वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि चेयरमैन के रूप में यह उनकी आखिरी AGM है। इससे कुछ दिन पहले ही वह ट्रेंट के चेयरमैन पद से हटने की घोषणा भी कर चुके हैं। लगातार दो बड़ी कंपनियों से उनके हटने को टाटा समूह में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना

नोएल टाटा का जन्म 1957 में नवल टाटा और सिमोन टाटा के घर हुआ था। वह दिवंगत रतन टाटा के सौतेले भाई थे। उन्होंने ब्रिटेन की ससेक्स यूनिवर्सिटी से स्नातक और फ्रांस के INSEAD बिजनेस स्कूल से प्रबंधन की पढ़ाई की। अपने करियर की शुरुआत टाटा इंटरनेशनल से करने के बाद वह 1999 में ट्रेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर बने और भारतीय रिटेल कारोबार को नई दिशा दी।

नोएल टाटा ने ट्रेंट के तहत वेस्टसाइड और बाद में ज़ूडियो को देश के सबसे सफल फैशन रिटेल ब्रांड्स में बदल दिया। उन्होंने वेस्टसाइड को पूरी तरह प्राइवेट लेबल मॉडल पर विकसित किया जिससे कंपनी को उत्पादों की कीमत गुणवत्ता और मुनाफे पर बेहतर नियंत्रण मिला।

वर्ष 2016 में उन्होंने कम कीमत में ट्रेंडी फैशन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ज़ूडियो लॉन्च किया। जब अधिकांश कंपनियां ऑनलाइन कारोबार पर ध्यान दे रही थीं तब ज़ूडियो ने ऑफलाइन स्टोर मॉडल को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। इसका फायदा यह हुआ कि छोटे शहरों और मध्यम वर्ग के ग्राहकों के बीच यह ब्रांड बेहद लोकप्रिय हो गया।

वेस्टसाइड की शुरुआत 1998 में प्रीमियम फैशन ब्रांड के रूप में हुई थी। शुरुआत में इसके स्टोर बड़े शहरों के पॉश इलाकों तक सीमित थे। बाद में कंपनी ने टियर-2 और टियर-3 शहरों में विस्तार किया लेकिन अपेक्षाकृत ऊंची कीमतों के कारण वहां उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली।

इसी बाजार की जरूरत को देखते हुए ट्रेंट ने ज़ूडियो लॉन्च किया। कम कीमत और फैशनेबल कपड़ों की वजह से यह ब्रांड तेजी से लोकप्रिय हुआ। 2021 में जहां ज़ूडियो के करीब 80 स्टोर थे वहीं वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक इनकी संख्या बढ़कर 963 हो गई और यह ब्रांड देश के 313 शहरों तक पहुंच गया।

नोएल टाटा के नेतृत्व में ट्रेंट का कारोबार तेजी से बढ़ा। कंपनी का राजस्व करीब 1,300 करोड़ रुपये से बढ़कर 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया जबकि मुनाफा 130 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 1,700 करोड़ रुपये हो गया। इसी दौरान वेस्टसाइड के 300 से अधिक और ज़ूडियो के करीब 960 स्टोर देशभर में खुल गए। कंपनी का मार्केट कैप भी बढ़कर लगभग 1.73 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

नोएल टाटा के ट्रेंट और वोल्टास जैसे बड़े पदों से हटने के बाद अब टाटा समूह में नए नेतृत्व की भूमिका पर सभी की नजर रहेगी। उद्योग जगत इसे समूह की अगली पीढ़ी के नेतृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देख रहा है।