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JHARKHAND : बोकारो ट्रेजरी घोटाले का मास्टरमाइंड कौशल पांडेय, फर्जी दस्तावेजों के दम पर 4.29 करोड़ रुपये का किया गबन

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BOKARO : बोकारो ट्रेजरी घोटाले की जांच में एसआईटी को बड़ा खुलासा हाथ लगा है। जांच के दौरान मुख्य आरोपी कौशल पांडेय ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में खुद को पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड बताया है। उसने स्वीकार किया कि सेवानिवृत्त कर्मचारी उपेंद्र सिंह के सेवा अभिलेखों में जालसाजी कर उनकी फर्जी सैलरी निकालने की पूरी साजिश उसी ने रची थी। एसआईटी के अनुसार इस फर्जीवाड़े के जरिए 50 से अधिक बार निकासी कर कुल 4,29,71,007 रुपये का गबन किया गया।

पूछताछ में कौशल पांडेय ने बताया कि उपेंद्र सिंह जुलाई 2016 में सेवानिवृत्त हो चुके थे। इसके बावजूद उसने उनके दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर जन्मतिथि और सेवा अवधि में बदलाव किया तथा रिटायरमेंट की तिथि मार्च 2026 दर्शा दी। इसके बाद उपेंद्र सिंह के जीपीएफ नंबर का इस्तेमाल कर फर्जी वेतन बिल तैयार किए गए। इतना ही नहीं उनके बैंक खाते की जगह अपनी पत्नी अन्नू पांडेय का बैंक खाता जोड़ दिया जिससे वेतन की राशि सीधे उसी खाते में ट्रांसफर होती रही।

आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि पत्नी के खाते में आने वाली राशि बाद में एसबीआई की चास कोर्ट एरिया शाखा स्थित उसके निजी खाते में ट्रांसफर कर दी जाती थी। हालांकि पूछताछ के दौरान उसने यह स्वीकार नहीं किया कि उसकी पत्नी को इस पूरे फर्जीवाड़े की जानकारी थी। दूसरी ओर एसआईटी का मानना है कि जांच में मिले तथ्यों के आधार पर अन्नू पांडेय की भूमिका भी संदिग्ध है और उसकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।

जांच में यह भी सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में तीन किस्तों में 28,25,808 रुपये वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1,65,81,668 रुपये तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2,35,63,531 रुपये की निकासी की गई। एसआईटी के अनुसार इन सभी निकासियों को मिलाकर कुल 4,29,71,007 रुपये का गबन किया गया।

एसआईटी अब इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इतने बड़े ट्रेजरी घोटाले को अंजाम देने में एक से अधिक लोगों की संलिप्तता हो सकती है और जांच आगे बढ़ने के साथ कई और अहम खुलासे सामने आ सकते हैं।