1042 शिक्षकों की नियुक्ति पर बीजेपी का हमला कहा 50 हजार पद अब भी खाली

RANCHI : झारखंड में 1042 सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र दिए जाने के बाद शिक्षा व्यवस्था को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने हेमंत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार छोटी भर्तियों को बड़ी उपलब्धि बताकर प्रचार कर रही है जबकि शिक्षा व्यवस्था की असली समस्याएं अब भी जस की तस बनी हुई हैं।
प्रतुल शाह देव ने दावा किया कि राज्य में शिक्षकों के करीब 50 हजार पद खाली हैं। ऐसे में केवल 1042 शिक्षकों की नियुक्ति कुल रिक्तियों का लगभग दो प्रतिशत ही है जबकि 98 प्रतिशत पद अब भी खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को जश्न मनाने के बजाय यह बताना चाहिए कि शेष रिक्त पदों पर नियुक्ति कब होगी ताकि लाखों बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।
उन्होंने कहा कि झारखंड के हजारों सरकारी स्कूल स्थायी प्रधानाध्यापकों के बिना संचालित हो रहे हैं और वर्षों से प्रभारी प्रधानाचार्यों के भरोसे व्यवस्था चल रही है। नियमित प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति नहीं होने से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों को पढ़ाई के बजाय चुनाव और अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगाया जाता है जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर पड़ता है।
बीजेपी प्रवक्ता ने शिक्षक और छात्र अनुपात पर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि देश के सरकारी schools में औसतन 24 छात्रों पर एक शिक्षक उपलब्ध है जबकि झारखंड में 36 छात्रों पर एक शिक्षक है। उन्होंने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय औसत की तुलना में शिक्षकों की भारी कमी है और सरकार को बड़े स्तर पर नियुक्तियां करनी चाहिए।
प्रतुल शाह देव ने कहा कि भाजपा झारखंड के हर बच्चे को बेहतर शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि राज्य को प्रचार नहीं बल्कि पर्याप्त शिक्षक स्थायी प्रधानाध्यापक और मजबूत शिक्षा व्यवस्था की जरूरत है ताकि बच्चों का भविष्य बेहतर बनाया जा सके।

