रांची: झारखंड में नए खनिज ब्लॉकों के विकास पर सरकार का जोर, बढ़ेगा निवेश और रोजगार

झारखंड सरकार राज्य में खनिज संपदा का बेहतर उपयोग करने और राजस्व बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में खनन विभाग ने अलग-अलग खनिजों के 20 नए ब्लॉक चिन्हित किए हैं। इनकी नीलामी और खनन शुरू कराने की प्रक्रिया चल रही है। सरकार का मानना है कि इससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।
खनन विभाग के अनुसार, सबसे ज्यादा 5 नए ब्लॉक सोने के लिए तय किए गए हैं। ये रांची, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में स्थित हैं। अभी राज्य में सिर्फ एक जगह पर ही सोने का खनन हो रहा है, जबकि कई इलाकों में सोने के भंडार होने की संभावना है।
इसके अलावा लौह अयस्क के 4 नए ब्लॉक भी तैयार किए जा रहे हैं। पश्चिमी सिंहभूम पहले से ही लौह अयस्क का बड़ा क्षेत्र माना जाता है, लेकिन यहां कई खदानें अभी भी बंद हैं। सरकार को उम्मीद है कि नए ब्लॉकों के शुरू होने से इस्पात उद्योग को मजबूती मिलेगी और राज्य की आय भी बढ़ेगी।
सरकार ने चूना पत्थर के 4, ग्रेफाइट के 3 और तांबा, बॉक्साइट, जिंक व मैंगनीज के एक-एक नए ब्लॉक भी चिन्हित किए हैं। फिलहाल राज्य में जिंक और मैंगनीज का खनन नहीं हो रहा है। ऐसे में इन क्षेत्रों में काम शुरू होने से नए निवेश के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
सरकार का लक्ष्य जल्द से जल्द इन नए ब्लॉकों की नीलामी पूरी कर खनन कार्य शुरू कराना है, ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिल सके।


