फीफा वर्ल्ड कप पर ईरान के कप्तान मेहदी तारेमी का फूटा गुस्सा बोले यह वर्ल्ड कप पूरी तरह बेकार

NEW DELHI : फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ईरान की टीम का प्रदर्शन अब तक निराशाजनक रहा है। ग्रुप जी के अपने आखिरी मुकाबले में मिस्र के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलने के बाद टीम तीन ड्रॉ के साथ तीसरे स्थान पर रही। अब उसका नॉकआउट में पहुंचना दूसरे मुकाबलों के परिणाम पर निर्भर है। इसी बीच ईरान के कप्तान मेहदी तारेमी ने फीफा और अमेरिकी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए टूर्नामेंट की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं।
ईरान की टीम का बेस अमेरिका के एरिजोना स्थित टक्सन में बनाया जाना था लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण संबंधों के कारण अमेरिकी प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद टीम को मेक्सिको के तिजुआना में कैंप लगाना पड़ा।
ईरान को अपने सभी ग्रुप मैच अमेरिका में खेलने पड़े लेकिन हर मुकाबले के बाद टीम को उसी रात अमेरिका छोड़कर तिजुआना लौटना पड़ा। लगातार यात्रा और कठिन व्यवस्थाओं ने खिलाड़ियों की तैयारियों पर भी असर डाला।
मिस्र के खिलाफ मैच के बाद मेहदी तारेमी ने कहा कि यह वर्ल्ड कप पूरी तरह बेकार साबित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि फीफा को टीमों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए था लेकिन पूरे टूर्नामेंट के दौरान कोई सुधार नहीं किया गया।
तारेमी ने बताया कि फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने पहले मैच के बाद खिलाड़ियों से मुलाकात कर शुरुआती दिक्कतें जल्द दूर करने का भरोसा दिया था लेकिन ग्रुप चरण खत्म होने तक हालात नहीं बदले।
ईरानी टीम को वर्ल्ड कप शुरू होने से केवल दस दिन पहले वीजा मिला था। वहीं टीम के लॉजिस्टिक्स स्टाफ को वीजा नहीं मिलने के कारण खिलाड़ियों को यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
तारेमी ने कहा कि उनकी टीम की समस्याएं सुनने वाला कोई नहीं था और खिलाड़ियों को बिना पर्याप्त सहयोग के लगातार सफर करना पड़ा। उन्होंने इसे निष्पक्ष प्रतियोगिता की भावना के खिलाफ बताया।
ईरान की टीम अभी भी नॉकआउट की दौड़ में बनी हुई है लेकिन उसकी किस्मत अब दूसरे ग्रुपों के परिणामों पर निर्भर है। यदि अन्य मुकाबलों के नतीजे उसके पक्ष में नहीं रहे तो तीसरे स्थान पर रहने के बावजूद ईरान टूर्नामेंट से बाहर हो सकता है।

