ड्रग्स के खिलाफ आर-पार की लड़ाई: केंद्रीय गृह मंत्री का झारखंड पुलिस को निर्देश, एएनटीएफ को बनाया जाए और मजबूत

NEW DELHI : नई दिल्ली को आयोजित नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री ने झारखंड में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए। बैठक में झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्र एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के प्रमुख अशीम विक्रांत मिंज एनसीबी के जोनल डायरेक्टर आकाश सिंगला समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में झारखंड की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को और सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया। निर्देश दिया गया कि एएनटीएफ को एक स्वतंत्र इकाई के रूप में विकसित किया जाए उसके मानव संसाधनों में वृद्धि की जाए और उसका पुनर्गठन किया जाए ताकि राज्य में ड्रग्स तस्करी के पूरे नेटवर्क को प्रभावी ढंग से ध्वस्त किया जा सके। इस दौरान झारखंड पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई कार्रवाई का ब्योरा भी प्रस्तुत किया।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि जिस तरह झारखंड पुलिस ने नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाया, उसी तरह अब ड्रग्स तस्करी और नशे के दुरुपयोग के खिलाफ भी प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि आने वाले समय में नशे के नेटवर्क पर पहले से अधिक फोकस किया जाए।
इसके अलावा ड्रग्स तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अगले तीन वर्षों का रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया गया। बैठक में ड्रग कार्टेल की फंडिंग नेतृत्व और पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई तेज करने विदेश भाग चुके तस्करों के खिलाफ सीबीआई की मदद लेने तथा बड़े मामलों में ईडी के सहयोग से वित्तीय जांच कराने पर भी जोर दिया गया।


