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जमशेदपुर के ग्रामीण क्षेत्र में Brain Malaria से छात्रा की मौत, आखिर क्या है ब्रेन मलेरिया? || READ SPECIAL REPORT ||

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एक मच्छर का काटना जानलेवा भी हो सकता है।
जमशेदपुर के ग्रामीण क्षेत्र पोटका से आई एक दुखद खबर ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। यहां Brain Malaria से एक छात्रा की मौत हो गई है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग एक्शन मोड में आ गया है। प्रभावित गांव और स्कूल में स्वास्थ्य जांच अभियान शुरू कर दिया गया है जबकि संबंधित निजी क्लिनिक को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।

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पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में एक छात्रा की Brain Malaria से मौत के बाद सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने पूरे मामले का स्वतः संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर विशेष स्वास्थ्य टीम ने छात्रा के गांव और पीएम श्री कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में जांच शिविर लगाया।

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जांच के दौरान 34 लोगों की स्क्रीनिंग की गई जिनमें एक व्यक्ति मलेरिया संक्रमित पाया गया। संक्रमित मरीज का तुरंत इलाज शुरू कर दिया गया। साथ ही गांव में मलेरिया नियंत्रण अभियान, दवा का छिड़काव और जागरूकता अभियान भी तेज कर दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने स्कूल परिसर का भी निरीक्षण किया और छात्राओं के स्वास्थ्य, साफ-सफाई तथा मच्छरों की रोकथाम के उपायों की समीक्षा की। वहीं जिला मलेरिया पदाधिकारी ने बरसात के मौसम को देखते हुए सभी संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित व्यक्ति या संस्थान पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसी कड़ी में संबंधित निजी निदान केंद्र को दो दिनों के भीतर जवाब देने का नोटिस जारी किया गया है।

आखिर क्या होता है Brain Malaria?

Brain Malaria, मलेरिया का सबसे खतरनाक रूप माना जाता है। यह Plasmodium falciparum नामक परजीवी के कारण होता है, जो संक्रमित मादा Anopheles मच्छर के काटने से शरीर में प्रवेश करता है।

जब यह संक्रमण गंभीर हो जाता है तो परजीवी मस्तिष्क की छोटी रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करने लगता है। इससे दिमाग में सूजन आ सकती है और मरीज की स्थिति तेजी से गंभीर हो सकती है। समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है।

Brain Malaria के लक्षण क्या हैं?

  • तेज बुखार और ठंड लगना
  • लगातार सिरदर्द
  • बार-बार उल्टी होना
  • बेहोशी या भ्रम की स्थिति
  • दौरे (Seizures) पड़ना
  • बोलने या चलने में परेशानी
  • मरीज का कोमा में चले जाना

अगर मलेरिया के साथ इनमें से कोई भी गंभीर लक्षण दिखाई दे, तो इसे मेडिकल इमरजेंसी मानकर तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए।

कैसे करें बचाव?

  • घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
  • मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
  • पूरी बांह के कपड़े पहनें।
  • मच्छर भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट का उपयोग करें।
  • तेज बुखार होने पर खुद दवा लेने की बजाय तुरंत जांच कराएं।

बरसात का मौसम मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों के लिए सबसे संवेदनशील माना जाता है। इसलिए थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी बन सकती है।

याद रखें Brain Malaria का इलाज संभव है लेकिन केवल तभी जब समय रहते इसकी पहचान हो और मरीज को तुरंत सही उपचार मिल जाए।