रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने साफ कहा कि लोगों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर घर तक पाइपलाइन के माध्यम से स्वच्छ पानी पहुंचाने के लक्ष्य को तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में अभी भी पेयजल की समस्या बनी हुई है, वहां विशेष ध्यान देकर जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जलापूर्ति योजनाओं की नियमित निगरानी और समय पर मरम्मत कार्य करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के दौरान जल जीवन मिशन समेत कई योजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को भी शहरों जैसी बेहतर पेयजल सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति से जुड़ा डेटा लगातार अपडेट करने और कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया।
जल संरक्षण को लेकर भी मुख्यमंत्री ने विशेष चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए बंद पड़े चापाकलों के बोरिंग का उपयोग रिचार्ज पिट के रूप में किया जाए, ताकि वर्षा जल का संचयन हो सके। इसके अलावा लोगों को जल संरक्षण और पानी के सही उपयोग के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर देते हुए प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक करने की बात कही। उन्होंने प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने वाले लोगों और संस्थाओं को प्रोत्साहित करने का सुझाव भी दिया।
बैठक में विभाग की विभिन्न योजनाओं और उनके संचालन की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के हर परिवार तक स्वच्छ पेयजल और बेहतर स्वच्छता सुविधाएं पहुंचाने के लिए सभी विभागों को मिलकर प्रभावी ढंग से काम करना होगा।


