NEET-UG री-एग्जाम की तैयारी तेज, NTA ने राज्यों और जिला प्रशासन को बनाया साझेदार…

पेपर लीक विवाद के बाद 21 जून को आयोजित होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार परीक्षा को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।
एनटीए ने परीक्षा की तैयारियों को लेकर राज्यों के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP), जिला उपायुक्त (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) के साथ कई दौर की बैठकें की हैं। शिक्षा मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया है कि नीट-यूजी जैसी बड़ी परीक्षा का सफल संचालन केवल एक एजेंसी की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि इसके लिए सभी संबंधित विभागों के सहयोग की आवश्यकता है।
सूत्रों के अनुसार इस बार राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए राज्यों और जिलों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। परीक्षा वाले सभी शहरों में डीएम और एसपी को सीधे तौर पर परीक्षा प्रक्रिया से जोड़ा गया है।
परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए राज्य और जिला स्तर पर विशेष समन्वय समितियां गठित की गई हैं जो कानून-व्यवस्था और परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा की निगरानी करेंगी। वहीं शहरों के परीक्षा समन्वयक के रूप में सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एनटीए ने इस बार निजी परीक्षा केंद्रों पर निर्भरता लगभग समाप्त कर दी है। करीब 99.5 प्रतिशत परीक्षा केंद्र सरकारी स्कूलों में बनाए गए हैं। केवल उन शहरों में निजी स्कूलों को केंद्र बनाया गया है जहां पर्याप्त सरकारी स्कूल उपलब्ध नहीं हैं।
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा सामग्री को सुरक्षित रूप से केंद्रों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ भारतीय वायु सेना और थल सेना की सहायता लेने की तैयारी की गई है।
इसके अलावा पहली बार राज्य पुलिस की साइबर सेल के सहयोग से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि अफवाह फैलाने वालों और फर्जी गेस पेपर बेचने वाले लोगों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
एनटीए का दावा है कि इन उपायों से परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाएगा।

