25007

पूर्वी सिंहभूम में ‘तारा’ आम की एंट्री, मैंगो फेस्टिवल में नई किस्म बनी आकर्षण का केंद्र…

खबर को शेयर करें
25007

पूर्वी सिंहभूम जिले में अब आम की एक नई प्रजाति ‘तारा’ या ‘बनाना मैंगो’ का उत्पादन शुरू हो गया है। अपने अलग स्वाद और विशेष बनावट के कारण यह आम लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन रहा है। जिला उद्यान विभाग के प्रयासों से इस नई किस्म की खेती शुरू की गई है और अब इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।

शनिवार को साकची स्थित डीसी कार्यालय परिसर में आयोजित मैंगो फेस्टिवल में जिले भर के किसानों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए। इस दौरान विभिन्न किस्मों के आमों की प्रदर्शनी लगाई गई जहां बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर आमों की खरीदारी की। खासकर ‘तारा’ या ‘बनाना मैंगो’ ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

मैंगो फेस्टिवल का उद्घाटन उपायुक्त राजीव रंजन ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मनरेगा और बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यम से किसानों को आम की बागवानी के लिए प्रोत्साहित किया गया है। किसानों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई जिसके परिणामस्वरूप जिले में बड़े पैमाने पर आम के बाग विकसित हुए हैं।

उन्होंने बताया कि पूर्वी सिंहभूम का आम अब देश के साथ-साथ विदेशों में भी अपनी पहचान बना रहा है। पिछले वर्ष जिले का आम विदेश भेजा गया था जिसे काफी सराहना मिली। डीसी ने कहा कि मैंगो फेस्टिवल जिले में संचालित योजनाओं की सफलता का प्रतीक है।

जिले में आम की बागवानी की शुरुआत वर्ष 2016-17 में हुई थी। वर्तमान में करीब 6000 एकड़ क्षेत्र में आम की खेती की जा रही है। जिले में मुख्य रूप से आम्रपाली, मल्लिका, लंगड़ा और दशहरी किस्म के आम लगाए गए हैं। इसके अलावा अब ‘तारा’ या ‘बनाना मैंगो’ जैसी नई प्रजाति भी किसानों के बीच लोकप्रिय हो रही है।

जिला प्रशासन किसानों को मार्केट लिंकेज की सुविधा भी उपलब्ध करा रहा है जिससे उन्हें अपने उत्पाद के लिए बेहतर बाजार मिल सके।

पिछले वर्ष जिले के 14 किसानों के आम देश और विदेश के विभिन्न बाजारों में बेचे गए थे जिससे किसानों को करीब 5.12 लाख रुपये की आय हुई। पटमदा प्रखंड के किसान अशोक कुमार महतो का आम सऊदी अरब भी भेजा गया था जो जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी गई।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले में अब तक 96 हजार 649 किलोग्राम आम का उत्पादन हुआ है। इनमें से 21 हजार 17 किलोग्राम आम की बिक्री की जा चुकी है। आम उत्पादन के क्षेत्र में पूर्वी सिंहभूम लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और किसानों की आय बढ़ाने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।