Jamshedpur: 2017 मानगो दंगा केस में 8 साल बाद 10 आरोपी बरी, अदालत ने सुनाया बड़ा फैसला…

जमशेदपुर के मानगो क्षेत्र में वर्ष 2017 में हुए बहुचर्चित दंगे से जुड़े मामले में मंगलवार को अदालत ने अहम फैसला सुनाया। ADJ श्री आनंद मणि त्रिपाठी की अदालत ने कांग्रेस नेता फिरोज खान, नूरुल हक उर्फ झुन्ना, आफताब सिद्दीकी, शहनवाज़ अहमद, तारिक खान समेत कुल 10 आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में असफल रहा और पुलिस भी कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी।
दरअसल मामला ये था कि 18 मई 2017 को सरायकेला में हुई मॉब लिंचिंग की घटना के विरोध में मुस्लिम एकता मंच ने मानगो में प्रदर्शन बुलाया था। इसी दौरान स्थिति बिगड़ी और पुलिस ने आरोप लगाया कि थाने में तोड़फोड़ की गई सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा तथा पुलिस अधिकारियों पर हमला किया गया। FIR में करीब चार लाख रुपये की क्षति और दो थाना प्रभारियों के घायल होने का उल्लेख किया गया।
इसके बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस नेता फिरोज खान, नूरुल हक उर्फ झुन्ना समेत 87 लोगों को नामजद आरोपी बनाया। उन पर दंगे की साजिश और हिंसक भीड़ का हिस्सा होने का आरोप लगाया गया। हालांकि आरोपियों का कहना था कि उन्हें राजनीतिक कारणों से फंसाया गया है।
मामले की सुनवाई ADJ श्री आनंद मणि त्रिपाठी की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष ने आठ पुलिस अधिकारियों की गवाही कराई जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता मोहम्मद जाहिद इकबाल ने तर्क दिया कि पुलिस ने आरोपियों की पहचान स्पष्ट नहीं की और उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य मौजूद नहीं है।
लंबे समय तक चली इस सुनवाई के बाद अदालत ने अब इन 10 आरोपियों को बरी कर दिया।
इस दंगे से जुड़े तीन मामले दर्ज किए गए थे जिनमें से एक का फैसला 16 अक्टूबर को आना है।


