चाईबासा में आदिवासी हो समाज महासभा का बड़ा विरोध, कुड़मी महतो को ST सूची में शामिल करने पर चेतावनी…

चाईबासा में कुड़मी महतो समुदाय को आदिवासी (ST) सूची में शामिल करने की मांग के खिलाफ आदिवासी हो समाज महासभा ने जोरदार प्रदर्शन किया। महासभा ने एक विशाल बाइक रैली निकालकर इस फैसले का कड़ा विरोध दर्ज कराया और साफ शब्दों में कहा कि वे इस मांग को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।
बाइक रैली के बाद आयोजित सभा में महासभा ने राज्य और केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को अनसुना किया गया और कुड़मी महतो को ST सूची में शामिल करने की दिशा में कदम उठाया गया, तो कोल्हान प्रमंडल में 72 घंटे की व्यापक आर्थिक नाकेबंदी की जाएगी। इससे परिवहन और औद्योगिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित होंगी।
महासभा का कहना है कि यदि कुड़मी महतो को आदिवासी सूची में शामिल किया गया तो मूल आदिवासियों के अधिकार प्रभावित होंगे। आरक्षण के तहत सरकारी नौकरियों, शिक्षा और अन्य सुविधाओं में उनकी हिस्सेदारी कम हो जाएगी, जिससे वे अपने हक से वंचित हो जाएंगे।
सभा में आदिवासी सांसदों और विधायकों को भी खुलकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया। महासभा ने चेतावनी दी कि यदि कोई जनप्रतिनिधि कुड़मी महतो की मांग का समर्थन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ा विरोध किया जाएगा।
संगठन ने यह भी घोषणा की कि अब गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि लोगों को इस मुद्दे और इसके आदिवासी समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक असर के बारे में बताया जा सके।
इस प्रदर्शन और चेतावनी के बाद यह साफ हो गया है कि कुड़मी महतो को ST सूची में शामिल करने का मुद्दा कोल्हान क्षेत्र में एक बड़ा संघर्ष का रूप ले चुका है।

