Jharkhand: पलामू पुलिस की अनोखी पहल!! नक्सली कमांडरों के घर बजेगा ढोल-नगाड़ा, जनता को दिखाया जाएगा असली चेहरा…

नक्सलियों के खिलाफ अब पुलिस ने एक अलग और अनोखा अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत पुलिस दल नक्सली कमांडरों के घरों तक ढोल-नगाड़ा बजाते हुए पहुंचेगा और ग्रामीणों को उनके अपराधों के बारे में बताएगा।
इस पहल का मकसद है कि लोगों को समझाया जाए कि नक्सली समाज और विकास दोनों के सबसे बड़े दुश्मन हैं। पुलिस का मानना है कि जब गांव-गांव नक्सलियों के काले कारनामे उजागर होंगे तो जनता भी उनके खिलाफ खुलकर खड़ी होगी और पुलिस को समर्थन देगी।
पुलिस इस अभियान में केवल ढोल-नगाड़ा ही नहीं, बल्कि बैनर, पोस्टर और विजुअल सामग्री के जरिए नक्सलियों की पहचान और उनकी आपराधिक गतिविधियों को सार्वजनिक करेगी। साथ ही ग्रामीणों से अपील की जाएगी कि वे नक्सली विचारधारा से दूर रहकर विकास की राह पर आगे बढ़ें।
इस अभियान में पुलिस ने पलामू जोन के कम से कम 10 बड़े नक्सली कमांडरों को टारगेट किया है जिनमें भाकपा-माओवादी के नितेश यादव, रविंद्र गंझू, मृत्युंजय भुइयां, मनोहर गंझू, संजय गोदराम, ठेगन मियां, टीएसपीसी के शशिकांत गंझू, नगीना और अन्य सक्रिय नक्सली शामिल हैं।
इस पहल की शुरुआत लातेहार के सदर थाना क्षेत्र से की गई जहां पुलिस दल जेएमएमपी कमांडर शिव सिंह और रामदेव लोहरा के घर ढोल-नगाड़ा लेकर पहुंचा और ग्रामीणों को उनके अपराधों से अवगत कराया।
आईजी सुनील भास्कर ने कहा कि नक्सली कमांडर हीरो नहीं बल्कि इलाके के सबसे बड़े दुश्मन हैं। उनकी वजह से विकास रुक गया है। पलामू, गढ़वा और लातेहार के एसपी को इस अभियान की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही नक्सलियों की संपत्ति की जांच और कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।


