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अंगरक्षक दुर्व्यवहार मामले में दोषी साबित हुआ तो राजनीति से संन्यास लूंगा : केएन त्रिपाठी…

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Jharkhand: झारखंड के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने कहा है कि अगर अंगरक्षक दुर्व्यवहार मामले में उन पर लगे आरोप सच साबित होते हैं तो वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे। लातेहार परिसदन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने यह बयान दिया।

त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद पलामू एसपी रीष्मा रमेशन और सार्जेंट मेजर सुरेश राम के बहकावे में आकर अंगरक्षकों ने दूसरे दिन और दूसरे थाने में जीरो एफआईआर दर्ज कराई। उन्होंने सवाल उठाया कि जीरो एफआईआर की प्रक्रिया तब अपनाई जाती है जब मामला दूसरे राज्य का हो या दूरी बहुत अधिक हो।

उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में दुर्व्यवहार, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग या मारपीट की घटना हुई थी, तो अंगरक्षकों ने उसी दिन शाम तक लातेहार थाने में क्यों शिकायत दर्ज नहीं कराई। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े कई साक्ष्य भी पत्रकारों के सामने रखे।

पूर्व मंत्री ने बताया कि उनके दो अंगरक्षकों में से एक का आचरण पहले से ही ठीक नहीं था। वह कार्यक्रमों में महिलाओं और लड़कियों से नंबर लेता और बार-बार फोन करता था, जिसकी शिकायत कई बार आई। उसे कई बार समझाया भी गया लेकिन उसमें सुधार नहीं हुआ। 15 अगस्त के मौके पर जब वे तिरंगे को सलामी दे रहे थे तब भी अंगरक्षक का रवैया अनुशासनहीन था।

लातेहार में जाम हटाने के दौरान भी अंगरक्षक ने हिंसक रूप दिखाया और स्कॉर्पियो से सामान उतारकर उनके साथ जाने से इनकार कर दिया। इस वजह से वे कई घंटे बिना अंगरक्षक के लातेहार में रहे।

त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने इस मामले में पलामू एसपी से बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने सुनने से इनकार कर दिया। बाद में डीआईजी ने उनकी बात सुनी। उन्होंने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।