JSSC CGL पेपर लीक मामला : सरकार के जवाब से हाईकोर्ट नाराज, सीआइडी की जांच पर उठे सवाल…

Jharkhand: झारखंड हाईकोर्ट में झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (JSSC) की सीजीएल परीक्षा-2023 पेपर लीक मामले पर मंगलवार को सुनवाई हुई। अदालत ने CID DSP की ओर से दाखिल शपथ पत्र पर असंतोष जताया और कहा कि इससे लगता है कि जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं हो रही है।
मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि जांच अधिकारी जांच करने की बजाय केवल प्रार्थियों के आरोपों पर अपनी राय दे रहे हैं। अदालत ने इस शपथ पत्र को वापस लेने का निर्देश दिया और CID SP को नया शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी।
राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि CID की जांच में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं पाई गई है और रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जांच की स्क्रूटनी के लिए एक एसआइटी गठित की जाएगी जो अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेगी।
वहीं याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार, अपराजिता भारद्वाज और समीर रंजन ने दलील दी कि सरकार दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि जब्त मोबाइल से मिले प्रश्नपत्र असली परीक्षा प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं जिससे साफ है कि पेपर लीक हुआ था। उन्होंने CBI जांच की मांग भी की।
गौरतलब है कि सीजीएल परीक्षा-2023 का आयोजन 28 जनवरी को हुआ था लेकिन पेपर लीक की शिकायत पर परीक्षा रद्द कर दी गई। इसके बाद सितंबर में दोबारा परीक्षा हुई जिसमें भी गड़बड़ी के आरोप लगे। इस मामले में CID ने दो केस दर्ज किए हैं और जांच के लिए SIT भी गठित की गई है।


