WHO ने झारखंड की टीबी मरीजों के लिए राशन योजना को सराहा, दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के लिए बताया मॉडल…

Jharkhand: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने झारखंड सरकार की टीबी मरीजों के लिए पोषण राशन देने वाली योजना की सराहना की है और इसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के लिए आदर्श मॉडल बताया है।
WHO ने इस सराहना की आधार भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा किए गए अध्ययन को बताया। अध्ययन में पाया गया कि टीबी मरीजों को पोषण संबंधी सहायता देने से उपचार के परिणाम बेहतर हुए और मृत्यु दर में कमी आई। राशन प्राप्त करने वाले मरीजों ने मानक देखभाल की तुलना में बेहतर रिकवरी और जीवित रहने की दर दिखाई।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने इसे झारखंड और पूरे देश के लिए गर्व की उपलब्धि बताया। राज्य सरकार ने टीबी मुक्त झारखंड बनाने के लिए दवाइयों से लेकर पोषण और जागरूकता तक हर संसाधन मुहैया कराए हैं। केंद्र सरकार ने भी इस पहल की प्रशंसा की और सहयोग दिया।
ICMR के अध्ययन के अनुसार यह योजना आदिवासी बहुल चार जिलों में 16 अगस्त 2019 से 31 जनवरी 2021 तक संथाल, हो, मुंडा, उरांव और भूमिज समुदाय के बीच लागू की गई थी। इसमें पाया गया कि छह महीने के लिए दैनिक 1200 किलो कैलोरी और 52 ग्राम प्रोटीन वाले भोजन राशन से मरीजों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ। हस्तक्षेप समूह को मासिक राशन और सूक्ष्म पोषक तत्व (750 किलो कैलोरी, 23 ग्राम प्रोटीन) दिए गए।
सभी प्रतिभागियों का 31 जुलाई 2022 तक सक्रिय फॉलोअप किया गया जिसमें स्वास्थ्य में सुधार के सकारात्मक संकेत मिले।

