NCERT ने जारी किए दो नए मॉड्यूल : बंटवारा और मुगल शासन पर नया दृष्टिकोण…

Azad Reporter desk: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 6 से 8 और 9 से 12 के छात्रों के लिए दो नए सप्लीमेंट्री मॉड्यूल जारी किए हैं। ये मॉड्यूल नियमित पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं होंगे लेकिन छात्रों को विशेष ऐतिहासिक घटनाओं को गहराई से समझाने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। इनमें देश के बंटवारे की त्रासदी और मुगल शासन की नई व्याख्या को शामिल किया गया है।
मॉड्यूल में स्पष्ट किया गया है कि मोहम्मद अली जिन्ना ने विभाजन की मांग रखी, कांग्रेस ने इसे स्वीकार किया और लॉर्ड माउंटबेटन ने इसे लागू किया। इस हिस्से को “विभाजन के दोषी” शीर्षक के तहत रखा गया है। इसमें पंडित जवाहरलाल नेहरू का ऐतिहासिक भाषण भी जोड़ा गया है जिसमें उन्होंने कहा था कि देश को विभाजन और लगातार संघर्ष के बीच चुनाव करना पड़ा।
इसमें बताया गया है कि 1947 से 1950 के बीच हुए बंटवारे ने पंजाब और बंगाल की अर्थव्यवस्था को गहरा आघात पहुंचाया। साथ ही जम्मू-कश्मीर में सामाजिक असंतुलन पैदा हुआ जो आगे चलकर आतंकवाद का कारण बना।
मॉड्यूल की प्रस्तावना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह बयान शामिल किया गया है जिसमें उन्होंने कहा था कि “बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। लाखों लोग विस्थापित हुए और अनेक ने अपनी जान गंवाई।” साथ ही 14 अगस्त को “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस” के रूप में मनाने की घोषणा का भी उल्लेख किया गया है।
कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब में मुगल शासकों के धार्मिक निर्णयों, सांस्कृतिक योगदान और उनके अत्याचारों की समीक्षा की गई है। इसमें बनारस, मथुरा और सोमनाथ के मंदिरों को तोड़े जाने के साथ-साथ जैन, सिख, सूफी और पारसी समुदायों पर हुए अत्याचारों का विवरण जोड़ा गया है।
NCERT अधिकारियों का कहना है कि इन मॉड्यूल्स का उद्देश्य किसी पर दोष मढ़ना नहीं है बल्कि छात्रों को इतिहास की सच्चाई से अवगत कराना है। ताकि वे समझ सकें कि गलत निर्णय और लालच किस तरह देश को प्रभावित कर सकते हैं और भविष्य में ऐसी गलतियां न दोहराई जाएं।

