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देशभर में आवारा कुत्तों के पुनर्वास पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पूरी, फैसला जल्द…

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Azad Reporter desk: देशभर में आवारा कुत्तों की बढ़ती घटनाओं और उनके पुनर्वास को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई पूरी हो गई है। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखते हुए केंद्र सरकार को आठ सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह मामला ‘आवारा कुत्तों से परेशान शहर, बच्चों को चुकानी पड़ रही कीमत’ शीर्षक के तहत स्वतः संज्ञान (Suo Motu) में उठाया गया था।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने सुनवाई के दौरान सभी पक्षों के तर्क सुने। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और कई राजनीतिक नेताओं ने बड़े पैमाने पर कुत्तों के पुनर्वास पर आपत्ति जताते हुए कहा कि दिल्ली-एनसीआर समेत कई क्षेत्रों में इसके लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि एबीसी (Animal Birth Control) नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन ही स्थायी समाधान है।

इससे पहले न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने दिल्ली-एनसीआर के नगर निकायों को आदेश दिया था कि आवारा कुत्तों को तुरंत पकड़कर तयशुदा आश्रय स्थलों में भेजा जाए। कोर्ट ने जन सुरक्षा, रेबीज के मामलों में बढ़ोतरी और खासकर बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों की सुरक्षा को देखते हुए इसे गंभीर समस्या बताया था।

मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई ने भी इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने की बात कही। उन्होंने 2024 में न्यायमूर्ति जे. के. माहेश्वरी की पीठ के उस आदेश का जिक्र किया जिसमें आवारा पशुओं की हत्या पर रोक लगाई गई थी और सभी जीवित प्राणियों के प्रति दया को संवैधानिक मूल्य बताया गया था।

अब पूरे देश की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं जो आवारा कुत्तों के पुनर्वास और प्रबंधन की दिशा तय करेगा।