प्यून से सहायक प्राध्यापक बने कई लोग, डेमोनस्ट्रेटर पद ही नहीं फिर भी मिली प्रोन्नति, अब राजभवन ने लिया संज्ञान…

Jharkhand: कोल्हान विश्वविद्यालय समेत राज्य के कई विश्वविद्यालयों के कॉलेजों में डेमोनस्ट्रेटर का पद स्वीकृत ही नहीं है फिर भी कई लोगों को पहले डेमोनस्ट्रेटर और फिर सहायक प्राध्यापक के पद पर पदोन्नत कर दिया गया। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जिनकी शुरुआती नियुक्ति चतुर्थ श्रेणी के पद यानी प्यून के रूप में हुई थी। अधिकतर मामलों में लैब इंचार्ज को ही डेमोनस्ट्रेटर बनाकर आगे प्रोन्नति दी गई है।
इस मामले पर राजभवन ने संज्ञान लेते हुए सभी विश्वविद्यालयों से रिपोर्ट मांगी है। विश्वविद्यालयों ने अपनी रिपोर्ट उच्च शिक्षा विभाग को भेज दी है जिसमें अधिकतर कॉलेजों ने स्वीकार किया है कि उनके यहां डेमोनस्ट्रेटर का पद स्वीकृत ही नहीं है। ऐसे में प्रोन्नति कैसे दी गई यह सवालों के घेरे में है।
अब इस मुद्दे पर उच्च शिक्षा विभाग की बैठक होने वाली हैnजिस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। कोल्हान विश्वविद्यालय के वे प्राध्यापकनजो लैब इंचार्ज से डेमोनस्ट्रेटर और फिर सहायक प्राध्यापक बने इस बैठक के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
इस बीच कोल्हान विश्वविद्यालय में पीजी सेमेस्टर वन की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, जो 28 अगस्त तक चलेंगी। पहले दिन कॉमर्स विषय की परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई। इसके लिए नौ परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं जिनमें 2200 विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं।


