झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला : पेंशन रोकना असंवैधानिक, सरकार को छह हफ्ते में लाभ देने का आदेश…

Jharkhand: झारखंड हाई कोर्ट ने सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों की पेंशन और ग्रेच्युटी रोकने पर बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि पेंशन कोई बख्शीश नहीं बल्कि सेवानिवृत्त कर्मचारी का संवैधानिक अधिकार है जिसे केवल दोष सिद्ध होने पर ही रोका जा सकता है।
मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस एस.एन. प्रसाद की खंडपीठ ने पूर्व रेंजर आनंद कुमार की पेंशन और ग्रेच्युटी रोकने के सरकार के फैसले को असंवैधानिक करार दिया। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि छह सप्ताह के भीतर आनंद कुमार को पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सभी लंबित लाभ का भुगतान किया जाए।
मामले में सरकार ने झारखंड पेंशन नियमावली 2000 में 23 जुलाई 2018 को किए गए संशोधन का हवाला दिया था। लेकिन अदालत ने स्पष्ट किया कि आनंद कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई इस संशोधन से पहले ही शुरू हो चुकी थी इसलिए नए नियम का इस्तेमाल कर पेंशन रोका नहीं जा सकता।
अदालत ने विभागीय रिकार्ड की समीक्षा करते हुए पाया कि अधिकांश जांच 2017 से पहले ही शुरू हुई थीं और सरकार का रवैया अनुचित व नियमों के खिलाफ था। आनंद कुमार 31 मार्च 2023 को सेवानिवृत्त हुए थे लेकिन जांच लंबित होने के कारण उनकी पेंशन और ग्रेच्युटी रोक दी गई थी। अब अदालत के आदेश के बाद उन्हें यह लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है।


