जमशेदपुर के सरकारी स्कूलों की स्थिति बद से बदतर, मच्छरों का आतंक, गंदगी और जर्जर इमारत बन रही है बच्चों के भविष्य की दीवार…

Jamshedpur news: जमशेदपुर के छोटा गोविंदपुर स्थित संकुल जनता मध्य विद्यालय की हालत दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। सरकारी विद्यालय की इमारत जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है जिससे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्कूल परिसर और आसपास गंदगी का अंबार है और मच्छरों से बचाव के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं है।
स्थिति इतनी खराब है कि छात्र-छात्राएं कक्षा में मच्छरों से बचने के लिए अगरबत्ती जलाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। इससे न केवल उनका स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है बल्कि पढ़ाई भी बुरी तरह बाधित हो रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बच्चे रोज़ाना इस विद्यालय में पढ़ने आते हैं लेकिन उन्हें न तो स्वच्छ वातावरण मिलता है और न ही बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था। स्कूल में पीने के पानी की भी भारी समस्या है।
विद्यालय की प्राचार्य नोनी बाला शीत ने बताया कि कई बार जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और स्थानीय कंपनियों को इस विषय में सूचना दी गई है लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने मांग की है कि स्कूल की मरम्मत, सफाई, मच्छर-निरोधक उपाय और मूलभूत सुविधाओं की जल्द से जल्द व्यवस्था की जाए।
और यही है हमारे जमशेदपुर हमारे झारखंड के सरकारी स्कूलों की सच्चाई जहां न पढ़ाई ठीक से होती है न बच्चों को सुरक्षा दी जाती है। बेनिफिट के नाम पर सिर्फ मिड-डे मील का खाना थमा दिया जाता है बाकी व्यवस्थाएं ऐसे ही छोड़ दी गई हैं। न प्रॉपर मैनेजमेंट है न कोई जवाबदेही। आए दिन खबरें आती हैं कभी किसी सरकारी स्कूल की छत गिर गई तो कहीं क्लासरूम पानी में डूब गए। सोचिए जिन छतों के नीचे बच्चे पढ़ते हैं वही छतें कब उनके सिर पर गिर जाएं कोई भरोसा नहीं। मच्छरों के प्रकोप से कितनी बीमारियों का खतरा बना रहता है लेकिन बचाव के लिए न कोई दवा न कोई छिड़काव। गंदगी ऐसी कि शौचालय जाना भी बच्चों के लिए खतरे से खाली नहीं। क्या हम यही शिक्षा व्यवस्था देकर अगली पीढ़ी को मजबूत बना पाएंगे? सरकारी स्कूलों की हालत पर अगर अब भी आंखें बंद रखी गईं तो यह सिर्फ बच्चों का नहीं पूरे समाज का भविष्य डगमगाएगा।

