Jharkhand: नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में विवाद बढ़ा: NSUI का भूख हड़ताल, पीएचडी परीक्षा और अटैचमेंट ऑर्डर पर बवाल…

Jharkhand: डालटनगंज स्थित नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (NPU) में इन दिनों माहौल तनावपूर्ण हो गया है। छात्रों और कर्मचारियों का कहना है कि विश्वविद्यालय की समस्याएं अब काबू से बाहर होती जा रही हैं।
विश्वविद्यालय परिसर में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के छात्रों का लगातार दूसरे दिन भूख हड़ताल जारी है। उनका आरोप है कि छात्रों की समस्याओं को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है और कुलपति प्रो. डॉ. दिनेश कुमार सिंह के नेतृत्व में प्रशासनिक कामकाज पारदर्शी नहीं है। इस मामले में कुलपति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा है।
विश्वविद्यालय द्वारा हाल ही में जारी किए जा रहे “अटैचमेंट ऑर्डर” ने विवाद को और बढ़ा दिया है। इस आदेश के तहत अनुबंध और स्थायी कर्मचारियों को बिना ठोस कारण अलग-अलग विभागों में भेजा जा रहा है। आरोप है कि सिर्फ शक के आधार पर तबादले किए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक सूचना लीक के शक में एक अधिकारी को भी अटैच कर दिया गया जबकि इसके सबूत नहीं मिले। परीक्षा और वित्त जैसे अहम विभागों से अनुभवी कर्मचारियों को हटाए जाने पर कामकाज प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
इसी बीच विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया। इस कदम को लोग आंतरिक संकट का संकेत मान रहे हैं।
2023 की पीएचडी प्रवेश परीक्षा भी विवादों में फंस गई है। परिणाम घोषित हो चुके हैं, लेकिन गड़बड़ी के आरोपों के बाद कुछ लोग जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग पूरी परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं। कुलपति डॉ. सिंह ने कहा है “जांच के लिए कमेटी बनाई गई है लेकिन पूरे परिणाम को रद्द करना सही नहीं होगा। विश्वविद्यालय छात्रों के हित में ही काम कर रहा है।”
छात्र संगठनों का कहना है कि कुलपति के फैसले मनमाने और नियमों के खिलाफ हैं जबकि कुलपति का कहना है कि सारे फैसले छात्रों और विश्वविद्यालय के हित में लिए गए हैं।
विश्वविद्यालय में हालात कब सामान्य होंगे यह देखने वाली बात होगी।

