साइबर ठगों पर अब होगी कड़ी नकेल, झारखंड पुलिस तैयार कर रही है ‘साइबर कमांडो’…

Azad Reporter desk: देशभर में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए झारखंड पुलिस ने एक नई पहल की है। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की मदद से राज्य में पहली बार ‘साइबर कमांडो’ तैयार किए जा रहे हैं। ये कमांडो बिना हथियार और वर्दी के डिजिटल दुनिया के एक्सपर्ट बनकर काम करेंगे।
झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने बताया कि पहले बैच में 372 पुलिसकर्मियों को साइबर अपराध की बारीकियों की खास ट्रेनिंग दी जा रही है। इस ट्रेनिंग में केवल किताबों का ज्ञान नहीं बल्कि प्रैक्टिकल यानी वास्तविक मामलों पर काम करना सिखाया जा रहा है। उन्हें यह भी बताया जा रहा है कि ठग किस तरह लोगों को फंसाते हैं और किस तरह खातों से पैसे गायब कर देते हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की योजना है कि अगले 5 साल में पूरे देश में 5000 से ज्यादा साइबर कमांडो तैयार किए जाएं।
पिछले 10 साल में झारखंड में साइबर ठगी बहुत तेजी से बढ़ी है। जामताड़ा, देवघर, गिरिडीह और धनबाद जैसे जिले इसके लिए बदनाम हो चुके हैं। पुलिस की छापेमारी के बाद भी ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। अब साइबर अपराधी शहर-शहर घूमकर लग्जरी गाड़ियों से लोगों को शिकार बनाते हैं और पुलिस को चकमा दे देते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार जामताड़ा मॉड्यूल ने विदेशों तक अपने कनेक्शन बढ़ा लिए हैं। अब ठगी का पैसा फर्जी खातों से निकलकर विदेश भेजा जाने लगा है।
2021 से 2025 के बीच देश में साइबर अपराधों में लगभग 900% की बढ़ोतरी हुई है। झारखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और अन्य राज्यों में लाखों लोग साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
ऐसे में अब ‘साइबर कमांडो’ ही वह ताकत बनेंगे जो डिजिटल ठगों को पकड़ने और उनकी चालबाजी रोकने का काम करेंगे।

