1 अगस्त से बदल जाएंगे UPI के नियम : बैलेंस चेक, ऑटो-पे और फेल ट्रांजैक्शन पर नए नियम लागू…

Azad Reporter desk: डिजिटल पेमेंट करने वाले लोगों के लिए 1 अगस्त से बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूपीआई (UPI) से जुड़े कई नए नियम लागू करने का फैसला लिया है। इनका असर बैलेंस चेक, ऑटो-पेमेंट, फेल ट्रांजैक्शन और नए अकाउंट वेरिफिकेशन पर पड़ेगा।
क्या होंगे बड़े बदलाव?
- ऑटो-पे का नया समय
अगर आपने ओटीटी सब्सक्रिप्शन, SIP या रेंट के लिए ऑटो-पे सेट किया है, तो अब ये रिक्वेस्ट पीक समय पर नहीं होंगी।
सुबह 10 बजे से पहले
दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे के बीच
रात 9:30 बजे के बाद
इन्हीं समय पर ऑटो-पेमेंट प्रोसेस होगा। इसका मकसद सर्वर पर लोड कम करना है। - बैलेंस चेक करने की लिमिट
अब दिनभर में अनगिनत बार बैलेंस चेक नहीं कर पाएंगे।
1 अगस्त से यूजर एक दिन में अधिकतम 50 बार ही बैलेंस चेक कर पाएंगे। - फेल ट्रांजैक्शन का तुरंत स्टेटस
अक्सर फेल ट्रांजैक्शन के बाद पैसा कट जाता है लेकिन स्टेटस पेंडिंग दिखता है।
1 अगस्त से कुछ सेकंड में ही पेमेंट का सही स्टेटस पता चल जाएगा। अगर पेमेंट अटक गया तो 3 बार 90 सेकंड के अंतराल पर स्टेटस चेक कर सकते हैं। - नया अकाउंट लिंक करना होगा और भी सुरक्षित
अब जब भी नया बैंक अकाउंट लिंक करेंगे, तो पहले से ज्यादा कड़ा वेरिफिकेशन होगा। बैंक की तरफ से भी कन्फर्मेशन जरूरी होगा।
NPCI का कहना है कि इन नए नियमों से सर्वर का लोड कम होगा सिक्योरिटी बढ़ेगी और फेल ट्रांजैक्शन की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
यूपीआई का इस्तेमाल करने वाले सभी यूजर्स को 1 अगस्त से इन बदलावों का ध्यान रखना होगा।

