झारखंड के कॉलेजों की हालत खस्ता: जर्जर भवन, पानी और शौचालय की भारी समस्या, छात्र डर के साए में पढ़ाई करने को मजबूर…

Jharkhand: कोल्हान विश्वविद्यालय से जुड़े कई कॉलेजों की हालत दिनों-दिन खराब होती जा रही है। जर्जर भवनों और मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण छात्र अब कॉलेज जाना भी खतरे से खाली नहीं मानते।
वर्कर्स कॉलेज में सबसे बुरा हाल
वर्कर्स कॉलेज की इमारत इतनी पुरानी और जर्जर हो चुकी है कि किसी भी समय छत या प्लास्टर गिर सकता है। छात्रों का कहना है कि कुछ साल पहले उन्होंने हेलमेट पहनकर विरोध जताया था, लेकिन हालात जस के तस हैं। यहां न पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही साफ-सुथरे शौचालय। बोरिंग का पानी गंदा आता है जिसके कारण बाहर से पानी लाना पड़ता है। महिला शौचालय की हालत इतनी खराब है कि छात्राओं ने उसका इस्तेमाल बंद कर दिया है। हाल ही में यहां कोबरा निकलने से अफरातफरी मच गई थी।
कॉलेज में बना कैफेटेरिया आज तक शुरू नहीं हुआ। पीने का पानी न होने से शौचालय का इस्तेमाल तक मुश्किल हो जाता है। कैंपस में सांप निकलने की घटनाएं भी हो रही हैं जिससे छात्रों का डर बढ़ गया है।
गोलमुरी का एबीएम कॉलेज जहां लगभग 2900 छात्र पढ़ते हैं वहां भी कमरों की हालत खस्ता है। प्लास्टर गिर रहा है और रास्तों में झाड़ियां उग आई हैं। न तो लैब है और न ही ऑडिटोरियम। एलबीएसएम कॉलेज में नया भवन बना है लेकिन कई कक्षाएं अब भी पुराने जर्जर भवन में ही चल रही हैं। दीवारों में दरारें और छत से प्लास्टर गिरने के मामले यहां भी सामने आ चुके हैं।
छात्रों का कहना है कि कई बार प्रबंधन और विभाग को शिकायत दी गई लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर सुधार की कोई पहल नहीं हुई है। विद्यार्थी रोज़ डर के साए में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
छात्रों का कहना है कि अगर जल्द ही इन कॉलेजों की मरम्मत और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की गई तो यहां बड़ा हादसा हो सकता है।

