JPSC में दिव्यांग अभ्यर्थियों की मिसाल : नेत्रहीन और मूक-बधिर युवाओं ने रची सफलता की कहानी…

Jharkhand: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में इस बार कई दिव्यांग अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल कर मिसाल पेश की है। इनमें तीन नेत्रहीन अभ्यर्थियों, एक मूक-बधिर और एक ऑटिज्म से ग्रसित अभ्यर्थी ने अपने हौसले के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की।
नेत्रहीन अनिल कुमार चौधरी और शंभु लाल प्रसाद का चयन राज्य प्रशासनिक सेवा में हुआ है। अनिल को 298वां और शंभु लाल को 336वां रैंक मिला है। वहीं 340वें स्थान पर रहे रौशन कुमार का चयन राज्य वित्त सेवा में हुआ है।
मूक-बधिर अभ्यर्थी अताबुद्दीन अंसारी (341वां रैंक) को भी राज्य प्रशासनिक सेवा में सफलता मिली है। इसी तरह 342वें रैंक पर रहे रोहित कुमार जो ऑटिज्म और मल्टीपल डिजिबिलिटी से ग्रसित हैं ने भी प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई है।
इसके अलावा 282वें स्थान पर रहे विष्णु मुंडा, 338वें स्थान पर रहे वसीम अकरम और 339वें स्थान पर रहे अख्तर हुसैन अंसारी ने भी सफलता पाई। विष्णु और वसीम को राज्य प्रशासनिक सेवा मिली है जबकि अख्तर हुसैन राज्य वित्त सेवा में चयनित हुए हैं।
इन सभी ने साबित कर दिया कि हौसले और मेहनत के आगे शारीरिक चुनौतियां भी छोटी पड़ जाती हैं।


