1000237764

छह दिन में पांच बच्चे घर छोड़कर निकले, चार मिले, एक अब भी लापता…

खबर को शेयर करें
1000237764

Jamshedpur news: जमशेदपुर में बच्चों के घर छोड़कर भाग जाने की घटनाएं चिंताजनक रूप से बढ़ रही हैं। केवल छह दिनों 17 जुलाई से 22 जुलाई के भीतर पांच बच्चे अलग-अलग इलाकों से घर छोड़कर चले गए। हालांकि इनमें से चार बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया है लेकिन 11 वर्षीय एक बच्चा अब तक लापता है।

अब तक के मामले:

•17 जुलाई को सोनारी के बलराम बस्ती के पास रहने वाला 11 वर्षीय लखन सोरेन घर से लापता हो गया। परिजनों ने काफी तलाश की लेकिन उसका अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। सोनारी थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

•टेल्को में भुवनेश्वरी मंदिर के पास रहने वाली 9 वर्षीय बच्ची 17 जुलाई को ट्यूशन से लौटने के बजाय एक बिल्डिंग की छत पर चली गई। होमवर्क न करने पर शिक्षिका ने उसे घर भेजा था। देर रात एक बजे बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया।

•20 जुलाई को बागबेड़ा के नया बस्ती से दो नाबालिग बहनें गायब हो गई थीं। अगले दिन वे रेलवे कॉलोनी में मिलीं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे दलमा पूजा के लिए गई थीं।

•22 जुलाई को सोनारी के युधराम मोहल्ला से 10 वर्षीय बच्चा पढ़ाई को लेकर डांट खाने के बाद घर छोड़कर चला गया। लगभग चार घंटे की तलाश के बाद उसे सुरक्षित वापस लाया गया।

•22 जुलाई को ही हुडको लेक टाउन में टाटा कमिंस के एक कर्मचारी का 13 वर्षीय बेटा घर में एक नोट छोड़कर साइकिल से निकल गया। नोट में उसने लिखा था कि वह क्रिकेटर बनना चाहता है। रात 10 बजे उसे टीआरएफ कॉलोनी के पास से सकुशल बरामद कर लिया गया। वह वैली व्यू स्कूल का छात्र है।

जरूरत है कि अभिभावक—
•बच्चों के व्यवहार और दिनचर्या पर नियमित नज़र रखें।
•सोशल मीडिया के उपयोग को सीमित करें।
•बच्चों को किताबों, खेल और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ें।
•उनके दोस्तों और सर्कल की जानकारी रखें।
•व्यवहार में बदलाव दिखे तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लें।

बाल कल्याण समिति की रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष अब तक 30 से अधिक बच्चों को विभिन्न स्थानों से रेस्क्यू किया गया है। इनमें कुछ बच्चे अन्य जिलों और राज्यों से भी मिले हैं। यह स्थिति बताती है कि बच्चों को भावनात्मक समर्थन और संवाद की बेहद ज़रूरत है।