ऋषभ पंत टेस्ट सीरीज से बाहर, पैर की अंगुली में फ्रैक्चर, अब छह हफ्ते रहेंगे आराम पर…

Azad Reporter desk: भारतीय क्रिकेट टीम को इंग्लैंड दौरे पर एक और बड़ा झटका लगा है। टीम के उपकप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत पैर की चोट के चलते इंग्लैंड के खिलाफ चल रही टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन बल्लेबाजी करते समय इंग्लैंड के गेंदबाज क्रिस वोक्स की गेंद पंत के दाहिने पैर पर लगी जिससे उनकी अंगुली में फ्रैक्चर हो गया।
चोट लगने के बाद पंत मैदान पर ही दर्द से कराहते हुए लेट गए। स्कैन में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई और डॉक्टरों ने उन्हें छह हफ्ते के आराम की सलाह दी है। इसके चलते अब वह न सिर्फ मैनचेस्टर टेस्ट बल्कि सीरीज के आखिरी टेस्ट में भी नहीं खेल पाएंगे।
पंत उस वक्त चोटिल हुए जब वह 37 रन बनाकर खेल रहे थे और रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश कर रहे थे। गेंद लगते ही उनके पैर से खून निकलता देखा गया और सूजन भी आ गई। फीजियो की मदद से भी वह खड़े नहीं हो सके और एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया।
इस सीरीज में पंत बेहतरीन फॉर्म में थे। उन्होंने अब तक चार टेस्ट मैचों में 66 की औसत से 462 रन बनाए थे जिसमें दो शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं। उनकी गैरमौजूदगी से टीम की बल्लेबाजी कमजोर हो सकती है खासकर जब इंग्लैंड पहले ही सीरीज में 2-1 से आगे है।
BCCI जल्द ही पंत के रिप्लेसमेंट का ऐलान करेगी। ईशान किशन का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है जो हाल ही में काउंटी क्रिकेट और भारत ए के लिए इंग्लैंड लायंस के खिलाफ खेले हैं। वहीं केएल राहुल को भी विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी दी जा सकती है हालांकि उन्होंने पिछले दौरे के बाद यह भूमिका नहीं निभाई है।
सूत्रों के मुताबिक मेडिकल टीम यह भी देख रही है कि क्या पंत दर्द की दवा लेकर बल्लेबाजी के लिए लौट सकते हैं लेकिन फिलहाल इसकी संभावना बेहद कम है। टीम इंडिया पहले से ही कई खिलाड़ियों की चोट से परेशान है। नीतीश रेड्डी, आकाश दीप और अर्शदीप सिंह पहले ही चोटिल हैं वहीं शार्दुल ठाकुर और अंशुल कंबोज को मौका दिया गया है।
गौरतलब है कि पंत इससे पहले दिसंबर 2022 में एक भयानक कार एक्सीडेंट में बुरी तरह घायल हो गए थे। वह करीब डेढ़ साल तक क्रिकेट से दूर रहे और IPL 2024 में वापसी की। अब एक बार फिर चोट ने उन्हें टीम से दूर कर दिया है।
पांचवां और आखिरी टेस्ट 31 जुलाई से लंदन के ओवल मैदान पर खेला जाएगा जहां भारत के सामने सीरीज बचाने की चुनौती होगी।

