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झारखंड कैबिनेट की बड़ी बैठक: 21 प्रस्तावों को मिली मंजूरी, उर्दू शिक्षकों की होगी बहाली, अटल मोहल्ला क्लिनिक का नाम बदला…

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Jharkhand: झारखंड की राजधानी रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में कुल 21 प्रस्तावों पर मुहर लगी।

बैठक में सबसे बड़ा फैसला उर्दू शिक्षकों की बहाली को लेकर लिया गया। राज्य के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में कुल 4339 उर्दू शिक्षकों के नए पद सृजित किए गए हैं। इसके तहत इंटर प्रशिक्षित सहायक आचार्य के 3287 पद और स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य के 1052 पद होंगे।

कैबिनेट ने अटल मोहल्ला क्लिनिक का नाम बदलकर अब “मदर टेरेसा एडवांस्ड हेल्थ क्लिनिक” करने की भी मंजूरी दे दी है।

बैठक में दो डॉक्टरों मुसाबनी की डॉ. कुमारी रेखा और बोकारो सदर अस्पताल की डॉ. रीना कुमारी को सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया। वहीं कसमार बोकारो की डॉ. वीणा कुमारी को भी सेवा से हटाया गया है।

इसके अलावा पुलिस कक्षपाल की नियुक्ति के लिए पूर्व में जारी विज्ञापन को रद्द कर दिया गया है। हालांकि पुराने आवेदकों को अब दोबारा आवेदन शुल्क नहीं देना होगा और उन्हें अधिकतम उम्र सीमा में भी छूट दी जाएगी।

राज्य में विश्वविद्यालयों को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ है। झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2025 को मंजूरी मिल गई है। इसके तहत राज्य के सभी सरकारी और विशेषज्ञ विश्वविद्यालय अब एक ही कानून के दायरे में आएंगे। विवि सेवा आयोग का गठन किया जाएगा और राज्यपाल ही सभी विश्वविद्यालयों के चांसलर होंगे।

राज्य के दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष शिक्षा सहायक आचार्य की नियुक्ति को भी हरी झंडी दी गई है। साथ ही झारखंड आयुष चिकित्सा सेवा नियमावली में भी संशोधन को मंजूरी मिली है जिससे आयुष चिकित्सा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।

सरकार ने वीरगति प्राप्त केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल के झारखंड निवासी जवानों के परिजनों को सरकारी नौकरी में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति देने की स्वीकृति दी है।

वहीं सेवानिवृत्त सरकारी कर्मियों को नोशनल (काल्पनिक) वेतनवृद्धि का लाभ देने दिव्यांग बच्चों के लिए रिसोर्स पर्सन की नियुक्ति, मेला सुरक्षा के लिए अस्थायी ओपी खोलने, डाल्टनगंज न्यायालय में एससी-एसटी अत्याचार मामलों के लिए विशेष अदालत के गठन जैसे कई अन्य अहम प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

इसके अलावा कैबिनेट ने जीएसटी से संबंधित नियमों में संशोधन, श्रावणी मेला की विधि-व्यवस्था, वित्त सेवा नियमावली, विश्वविद्यालय नियुक्ति प्रक्रिया और पोषण कार्यक्रमों को लेकर भी कई अहम फैसले लिए।