फार्मेसी काउंसिल में चयन को लेकर विवाद जारी, रजिस्ट्रार वार्ता अधूरी छोड़कर लौटे, प्रदर्शनकारियों ने दिया अल्टीमेटम…

Jharkhand: झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल में रजिस्ट्रार और मनोनीत सदस्यों के चयन को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा ने काउंसिल गेट के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया कि काउंसिल गैर-सरकारी और बाहरी लोगों के कब्जे में है और चयन प्रक्रिया पूरी तरह मनमानी तरीके से चल रही है। उन्होंने काउंसिल प्रबंधक को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया और चेतावनी दी कि अगर राज्य के मूलवासियों के अधिकारों की अनदेखी हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
करीब पांच घंटे तक चला धरना-प्रदर्शन हटाने के लिए बरियातू पुलिस को मौके पर बुलाया गया लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर डटे रहे। इसके बाद काउंसिल के रजिस्ट्रार प्रशांत कुमार पांडे प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए पहुंचे लेकिन वार्ता बीच में ही छोड़कर लौट गए।
देवेंद्र नाथ महतो ने रजिस्ट्रार के इस रवैए को निंदनीय बताया और मांग की कि रजिस्ट्रार प्रशांत पांडे की सेवा अवधि और कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि काउंसिल के कुछ वर्तमान इलेक्टेड सदस्यों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चयनित किया गया है।
गौरतलब है कि काउंसिल के रजिस्ट्रार सह सचिव का कार्यकाल 13 अप्रैल 2025 को ही समाप्त हो चुका है, इसके बावजूद वे पद पर बने हुए हैं। संगठन ने चेताया है कि जब तक चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं लाई जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


