संसद का मानसून सत्र 2025 आज से शुरू: ‘ऑपरेशन सिंदूर’, ट्रंप का दावा और मणिपुर जैसे मुद्दों पर सरकार- विपक्ष के बीच हो सकती है तीखी बहस…

Azad Reporter desk: संसद का मानसून सत्र 2025 आज से शुरू हो रहा है जो 21 अगस्त 2025 तक चलेगा। इस सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई गंभीर मुद्दों पर टकराव के आसार हैं। इनमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’, पहलगाम हमला, भारत-पाक युद्धविराम, डोनाल्ड ट्रंप के विवादित दावे, बिहार की नई एसआईआर नीति, मणिपुर की स्थिति, और चुनाव आयोग की निष्पक्षता जैसे विषय प्रमुख हैं।
20 जुलाई को हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे संसद में जवाब देने की मांग की। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि प्रधानमंत्री को ट्रंप के दावे, मणिपुर की स्थिति और SIR नीति पर संसद में खुद बोलना चाहिए।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सरकार ने संसद में चर्चा के संकेत दिए हैं। यह मामला भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम के बाद की पहली सैन्य कार्रवाई से जुड़ा है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार किसी भी विषय पर चर्चा के लिए तैयार है लेकिन चर्चा संसदीय नियमों के तहत ही होगी।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम अमेरिका की मध्यस्थता से हुआ। भारत सरकार ने इस दावे को नकारते हुए कहा कि यह द्विपक्षीय फैसला था। इस मुद्दे पर भी संसद में बहस हो सकती है।
बिहार सरकार की एसआईआर (Special Identification Registry) नीति को लेकर विपक्ष का कहना है कि इससे लाखों लोगों का वोटिंग अधिकार प्रभावित हो सकता है। गौरव गोगोई और राम गोपाल यादव ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया।
विपक्ष ने 8 प्रमुख मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा है:
- पहलगाम आतंकी हमला
- ऑपरेशन सिंदूर
- भारत-पाक संघर्ष विराम और ट्रंप का बयान
- बिहार की एसआईआर नीति
- विदेश नीति और मध्यस्थता पर स्थिति
- परिसीमन की प्रक्रिया
- दलित, आदिवासी, महिलाओं और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार
- चुनाव आयोग की निष्पक्षता
सरकार की योजना इस मानसून सत्र में 17 विधेयक लाने की है। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि जल्द ही इन विधेयकों की जानकारी दी जाएगी।
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी से मणिपुर की स्थिति पर संसद में बयान देने की मांग की। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री विदेश दौरे पर जा सकते हैं लेकिन संवेदनशील राज्यों की सुध नहीं ले रहे।
बीजेडी नेता सस्मित पात्रा ने राज्यों में कानून व्यवस्था पर चर्चा की मांग की।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद अल्ताफ हुसैन ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में स्थिति सामान्य नहीं है वहां आम लोगों को परेशान न किया जाए।
संसद का यह मानसून सत्र कई गंभीर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गरमा-गरम बहसों से भरा रह सकता है। सभी की निगाहें अब इस बात पर होंगी कि क्या सरकार विपक्ष के इन तीखे सवालों का जवाब दे पाएगी या नहीं।

